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उद्यमिता के साथ नवप्रवर्तन से मिलेगा युवाओं को नया मार्ग

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पुणे . वर्तमान शिक्षा प्रणाली में मांग से अधिक आपूर्ति होने के कारण बेरोजगारी की समस्या बढ़ती जा रही है। इस चुनौती का समाधान छात्रों को शोध और नवाचार के साथ उद्यमिता की शिक्षा देकर किया जा सकता है। यह विचार एमआईटी एडीटी यूनिवर्सिटी की कार्यकारी निदेशक प्रोफेसर डॉ. सुनीता कराड ने व्यक्त किया।

एमआईटी एडीटी यूनिवर्सिटी, विश्वराजबाग, पुणे द्वारा आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत 48 से अधिक प्रतिष्ठित कंपनियों के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। इस अवसर पर यूनिवर्सिटी के कुलपति डाॅ. मोहित दुबे, डाॅ. वीरेंद्र शेटे, डाॅ. स्वाती मोरे, डाॅ. अतुल पाटील, डाॅ. सपना देव और कंपनियों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

प्रोफेसर डॉ. कराड ने कहा, “नई शिक्षा नीति (एनईपी) में अनुसंधान और उद्यमिता को मुख्य आधार बनाया गया है। एमआईटी एडीटी ने एनईपी लागू होने से पहले ही अनुसंधान और उद्यमिता पर केंद्रित पाठ्यक्रम शुरू कर दिए थे। यूनिवर्सिटी छात्रों को एआई और अन्य नई तकनीकों पर आधारित शिक्षा प्रदान कर रही है। टाटा मोटर्स और एप्पल जैसी बड़ी कंपनियों के साथ पहले ही समझौता हो चुका है, और अब 48 नई कंपनियों के साथ साझेदारी से छात्रों को उद्योग के साथ सीधे जुड़ने का अवसर मिलेगा।”

डाॅ. दुबे ने कहा, “देश की तेजी से बढ़ती आबादी के साथ शिक्षित बेरोजगारों की संख्या भी बढ़ रही है। इस समस्या का समाधान कौशल आधारित शिक्षा और उद्योग से जुड़ाव से किया जा सकता है। आज के समझौते से छात्रों को रोजगार के बेहतर अवसर मिलेंगे और उन्हें उद्योग की जरूरतों के अनुसार तैयार किया जा सकेगा।”कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन और विश्व शांति प्रार्थना के साथ हुआ। अंत में डाॅ. छवि चव्हाण ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया।

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