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कार्तिक एकादशी पर श्री संत ज्ञानेश्वर महाराज संजीवन समाधी मंदिर में भक्तों उमड़ी भीड़

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आलंदी. श्री संत ज्ञानेश्वर महाराज संजीवन समाधी मंदिर में आलंदी कार्तिकी एकादशी के अवसर पर करीब  2 लाख भक्तों ने हरिनाम जयकारे में कार्तिकी एकादशी परंपरा का पालन करते हुए  आलंदी में ग्राम प्रदक्षिणा, इंद्रायणी नदी स्नान, टाल मृदंग, जाप के साथ कार्तिक एकादशी मनाई. मंदिर परिसर में एकादशी के उपलक्ष्य में इंद्रायणी नदी घाट व परिसर में भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी. आंलदी मंदिर में सुबह की पूजा मंगलमय वातावरण में धार्मिक प्रथाओं और परंपराओं का पालन करते की गई. इस अवसर पर माउली मंदिर, इंद्रायणी नदी घाटों को आकर्षक बिजली की रोशनी से और मंदिर को विभिन्न फूलों से सजाया गया था. भक्तों ने रंगोली की मनमोहक डिजाइन की सराहना की.

लाखों भक्तों ने किए स्नान 

राज्य भर से आए लाखों श्रद्धालुओं ने हरिनाम की  मंगलध्वनि के साथ स्नान किया. आलंदी के साथ-साथ मंदिर क्षेत्र के विभिन्न नदी घाटों भक्तों की भीड़ देखी गई.  ज्ञानोबा माउली तुकाराम हरिनाम के जयकारे में प्रदक्षिणा मार्ग पर श्रद्धालु नजर आए.

ताल-मृदंग की मंगलध्वनि से अलंकापुरी नगर गुंजायमान हो उठा. आलंदी में स्वकाम सेवा कार्यकारी बोर्ड ने सुबह पूजा के दौरान सफाई सेवा का आयोजन किया. इसके लिए अध्यक्ष सुनील तपकीर, महिला विंग प्रमुख आशा तपकिर के सेवक परिसर की सफाई कर सेवा में जुट गये.

माउली के गर्भगृह में श्री की संजीवन समाधि पर चांदी का मुखौटा चढ़ाकर पंचामृत अभिषेक पूजा की गई. इसमें दूध, दही, घी, शहद, चीनी, आम्रखंड, सुगंधित तेल, उबटन, इत्र लगाकर और नारंगी मेखला, शॉल, स्वर्ण मुकुट पहनाकर श्री के आकर्षक स्वरूप का श्रृंगार किया गया. इसमें मनमोहक आभूषण, सोने-चांदी के छत्र, विभिन्न मनमोहक रंगों में बंधे तुलसीहर, चफैया फूलों की भव्य माला चढ़ाई गई. श्री के भव्य श्रंगारित स्वरूप को देखने के लिए भक्त उमड़ पड़े.

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