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आलंदी में ‘राष्ट्रपिता का पुण्यस्मरण’ कीर्तन और जयघोष के साथ संपन्न

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पुणे: राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए महाराष्ट्र गांधी स्मारक निधि द्वारा ‘राष्ट्रपिता का पुण्यस्मरण’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम 12 फरवरी को आलंदी में घाट स्थित रक्षा विसर्जन स्तंभ पर सुबह 8:30 बजे हुआ।

इस वर्ष कार्यक्रम के दौरान धनंजय पवार और मोहिनी पवार के भजन प्रस्तुत किए गए, जबकि अरुणा तिवारी ने कीर्तन किया। इस कार्यक्रम में क्षेत्र के 500 से अधिक छात्र उपस्थित रहे।

महाराष्ट्र गांधी स्मारक निधि के सचिव अन्वर राजन कार्यक्रम की अध्यक्षता की। इस दौरान ट्रस्टी डॉ. मच्छिंद्र गोर्डे, ट्रस्टी लक्ष्मीकांत देशमुख, देवराम घुंडरे-पाटील, आळंदी नगरपरिषद के मुख्याधिकारी कैलास केंद्रे, गणपतराव कुर्हाडे-पाटील, सुनील पाटील, प्रो. संजीव कांबले, अर्जुन मेदनकर, वारकरी संस्थाओं के विद्यार्थी, महिला कीर्तनकार, टाळकरी, नगरपरिषद के प्रशासनिक अधिकारी, युवक क्रांति दल के कार्यकर्ता, वारकरी समुदाय, ग्रामीण नागरिक, युवक-युवतियां और गांधीजी को श्रद्धांजलि देने वाले नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के दौरान अन्वर राजन ने अध्यक्षीय भाषण दिया, जबकि लक्ष्मीकांत देशमुख, प्रो. संजीव कांबले और प्रो. भोसले ने अपने विचार व्यक्त किए। अंत में अभय देशपांडे ने सभी का आभार व्यक्त किया।

गांधीजी की अस्थियों का आळंदी से ऐतिहासिक संबंध

महात्मा गांधी की हत्या के बाद उनकी इच्छा के अनुसार, उनके अस्थि अवशेषों का विसर्जन भारत की प्रमुख नदियों में किया गया, जिसमें आळंदी की इंद्रायणी नदी भी शामिल थी। 12 फरवरी 1948 को एक कलश में उनकी अस्थियां इंद्रायणी नदी में विसर्जित की गईं। उनकी स्मृति में इंद्रायणी किनारे रक्षा विसर्जन स्तंभ की स्थापना की गई।

पिछले 77 वर्षों से, 12 फरवरी को आळंदी में गांधीजी को श्रद्धांजलि अर्पित करने की यह परंपरा निरंतर जारी है।

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