पुणे: शहर में यातायात को सुगम और तेज बनाने के लिए प्रस्तावित येरवडा से कात्रज भूमिगत मार्ग की लंबाई 20 किलोमीटर होगी। इस सुरंग मार्ग के प्रति किलोमीटर निर्माण पर लगभग 400 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है, जिससे कुल लागत 8,000 करोड़ रुपये तक पहुंच सकती है। इस परियोजना का विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार कर राज्य सरकार को सौंपा जाएगा।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पुणे महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (PMRDA) की बैठक में निर्देश दिए थे कि शहर की यातायात समस्या के समाधान के लिए येरवडा से कात्रज तक ट्विन टनल तकनीक पर आधारित भूमिगत मार्ग बनाया जाए। उन्होंने कहा कि इस परियोजना में नवीनतम तकनीक का उपयोग किया जाए और प्रस्ताव जल्द से जल्द प्रस्तुत किया जाए।
उत्तर से दक्षिण की कनेक्टिविटी होगी बेहतर
इस बारे में पुणे नगर निगम आयुक्त डॉ. राजेंद्र भोसले ने कहा कि शहर में पूर्व से पश्चिम दिशा में कई मार्ग उपलब्ध हैं, लेकिन उत्तर से दक्षिण की कनेक्टिविटी सीमित है। इसी कारण PMRDA ने येरवडा-कात्रज भूमिगत मार्ग का प्रस्ताव रखा है। उन्होंने आगे बताया कि परियोजना की व्यापक समीक्षा और स्थलीय निरीक्षण किया जाएगा। विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर राज्य सरकार को भेजी जाएगी, जिसके बाद इस पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
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भूमिगत मार्ग की सफलता पर संदेह?
हालांकि, पुणे में पहले भी कई महत्त्वाकांक्षी परियोजनाएं घोषित होकर ठंडे बस्ते में चली गई हैं। कुछ साल पहले पुणे-मुंबई के बीच हाइपरलूप प्रोजेक्ट की घोषणा हुई थी, लेकिन वह सफल नहीं हो पाया। इसी तरह नदी जल परिवहन परियोजना भी केवल कागजों तक सीमित रह गई। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या येरवडा-कात्रज भूमिगत मार्ग भी सिर्फ प्रस्ताव तक सीमित रहेगा या यह वास्तव में धरातल पर उतरेगा?
अब देखना यह होगा कि इस महत्त्वाकांक्षी परियोजना को सरकार से मंजूरी मिलती है या यह भी अन्य योजनाओं की तरह अधूरी रह जाती है।

