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पुणे में ‘जीबीएस’ से दो और मरीजों की मौत, कुल मामले 211 तक पहुंचे

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पुणे। महाराष्ट्र में गुइलेन-बैरे सिंड्रोम (GBS) से संक्रमित दो और मरीजों की मौत हो गई है। इनमें से एक मरीज ने ससून सर्वोपचार अस्पताल में दम तोड़ा, जबकि दूसरे मरीज का इलाज एक निजी अस्पताल में चल रहा था। इसके साथ ही राज्य में अब तक जीबीएस से मरने वालों की संख्या बढ़कर 11 हो गई है, जबकि कुल मरीजों की संख्या 211 तक पहुंच गई है।

ससून अस्पताल में 37 वर्षीय मरीज की मौत
ससून अस्पताल में जीबीएस से पीड़ित 37 वर्षीय व्यक्ति की मृत्यु हो गई। वह पुणे जिले के दौंड तालुका के सोनवडी गांव का निवासी था। उसे 10 जनवरी को अस्पताल में भर्ती किया गया था। मरीज को पहले हाथों में कमजोरी की शिकायत थी, जिसके बाद जांच में उसे जीबीएस होने की पुष्टि हुई। डॉक्टरों ने उसे आईवीआईजी इंजेक्शन दिया, लेकिन हालत बिगड़ने पर वेंटिलेटर पर रखना पड़ा। 17 फरवरी को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

निजी अस्पताल में 26 वर्षीय महिला की मौत
पुणे के नांदेड सिटी की रहने वाली 26 वर्षीय महिला की भी जीबीएस के कारण मौत हो गई। उसे 15 जनवरी को डायरिया हुआ था, जिसके बाद धीरे-धीरे उसे निगलने में तकलीफ और कमजोरी महसूस होने लगी। परिजनों ने उसे एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया, लेकिन स्थिति बिगड़ने के कारण उसे वेंटिलेटर पर रखा गया। आखिरकार, 18 फरवरी को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

राज्य में जीबीएस के कुल मामले और मौतें
अब तक महाराष्ट्र में जीबीएस से 11 लोगों की मौत हो चुकी है। पहला मामला सोलापुर में सामने आया था, जहां पुणे से गए एक मरीज की मौत हुई थी। इसके बाद पुणे में 9 और पिंपरी-चिंचवड़ में 1 मरीज की जान गई। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, राज्य में अब तक 211 मरीजों की पहचान हुई है, जिनमें से 183 की पुष्टि जीबीएस के रूप में हो चुकी है।

पुणे में लगातार बढ़ रही मरीजों की संख्या

पुणे महानगरपालिका क्षेत्र: 42

हाल ही में नगर निगम में शामिल गांव: 94

पिंपरी-चिंचवड़ महानगरपालिका: 32

पुणे ग्रामीण क्षेत्र: 33

अन्य जिलों में: 10

GBS के वर्तमान हालात:

अस्पताल में भर्ती मरीज: 56

आईसीयू में मरीज: 36

वेंटिलेटर पर मरीज: 16

ठीक होकर घर गए मरीज: 144

कुल मौतें: 11

स्वास्थ्य विभाग लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और मरीजों के बेहतर इलाज के लिए अस्पतालों को दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।

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