Site icon Jan Bharat Samachar

संभाजी के बलिदान ने खींचा संतों का ध्यान

Spread the love

अयोध्या। भारतीय संस्कृति के प्रति संवेदनशील संतों ने महापौर की पहल पर छावा फिल्म देखी। फिल्म के दृश्य से संतों को विचलित होते देखा गया।
शहर के प्रतिष्ठित सिनेमा हॉल अवध मॉल में दोपहर के तीन बजे शो को संतों, पार्षदों एवं अन्य ने देखा और फिल्म के माध्यम से मुगलकालीन इतिहास के स्याह पक्ष से रूबरू हुए। फिल्म मराठा साम्राज्य के अगुआ रहे संभाजी के साथ की गई औरंगजेब की क्रूरता पर आधारित है।
फिल्म देखने वाले संतों ने कहा कि मेयर की ओर से की गई पहल सराहनीय है। इससे इतिहास में दबी- छिपी जानकारियां हासिल हुई। फिल्म में कई मार्मिक प्रसंग भी फिल्माए गए हैं, जहां मराठों की मानवता और संवेदना का उज्जवल पक्ष उभर कर सामने आया है, जो गर्व करने लायक है।
फिल्म दर्शन कार्यक्रम में उपस्थित महापौर महंत गिरीशपति त्रिपाठी ने कहा कि संत- महंत देश और समाज को लेकर संवेदनशील रहते हैं। इसलिए इतिहास के अनछुए पहलू से परिचित कराने के लिए छावा फिल्म दिखाने का फैसला किया गया।
उन्होंने कहा कि फिल्म ऐतिहासिक होने के साथ ही दर्शनीय भी है। फिल्म देखने से संभाजी के बलिदान का भान होता है। यह जनसामान्य को अपनी संस्कृति के प्रति संवेदनशील बनाती है। प्रतिष्ठान के अधिष्ठाता अतुल सिंह ने सभी संतों का स्वागत किया और संतों को आमंत्रित कर यहां लाने के लिए उन्होंने महापौर का आभार जताया। इस अवसर पर सभी को होली की बधाई दी।
इस मौके पर महंत अवधेश दास, महंत मैथिली शरण, मिथिला बिहारी दास, मनीष दास, शरद शुक्ल, महंत विवेक आचारी, महंत श्रीपाल, पार्षद अजय पांडे, सुनील यादव, धर्मेंद्र मिश्र, सूर्या तिवारी, रामशंकर निषाद, दीपचंद, मनीष चौधरी, विकास कुमार, अनूप कुमार श्रीवास्तव, अनिकेत यादव आदि की उपस्थिति रही।

Exit mobile version