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पुणे स्काई लाइन 2050 पर विचार करते समय सभी पहलुओं का गहन अध्ययन आवश्यक है -प्रिया गोखले

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पुणे  . औद्योगिक क्रांति, शैक्षिक मानक, आईटी हब और अच्छी जलवायु के कारण पुणे की जनसंख्या तेजी से बढ़ रही है। अगर यही स्थिति रही तो साल 2050 में पुणे कैसा होगा? उस समय पानी, बिजली, सड़कें, परिवहन व्यवस्था, फुटपाथ, मेट्रो, बसें, सड़क सुविधाएं, –फूड स्ट्रीट, त्यौहार, बढती बिल्डीगे- जनसंख्या वृद्धि पर अभी से विचार कर लागू किया जाए तो भविष्य में आने वाली समस्याओं और संकटों से आसानी से निपटा जा सकेगा। वाइड एंगल फोरम की संस्थापक प्रिया गोखले ने यह राय हाल ही में जेबी मैरियट होटल में आयोजित कार्यक्रम ‘पुणे स्काईलाइन 2050‘ के दौरान व्यक्त की। इस अवसर पर वाइड एंगल फोरम की संस्थापक प्रिया गोखले, एसएससी इंजीनियरिंग कंपनी के निदेशक सागर सकोरे, इंजीनियर गिरीश द्रविड़, इंजीनियर गिल्बर्ट रेनार्ड, मुख्य अग्निशमन अधिकारी देवेन्द्र पोटफोडे, लेखक और इंजीनियर प्रकाश मेढेकर, आर्किटेक्ट, इंजीनियर और प्रबंधन के गणमान्य लोग उपस्थित थे।

सागर सकोरे ने इंजीनियरिंग कंपनी एसएससी के कार्यों की जानकारी दी. कार्यक्रम में विशेष सहयोग के लिए सागर सकोरे को सम्मानित किया गया।

इंजीनियर गिरीश द्रविड़ ने २०५०  में पुणे के बुनियादी ढांचे, इसकी तैयारी और लोगों की मानसिकता पर चर्चा की; कनाडाई इंजीनियर गिल्बर्ट रेनार्ड ने चर्चा की कि छोटे या मध्यम आकार के शहर कैसे बढ़ते हैं, उनकी परिधि और व्यास कैसे और क्यों बढ़ते हैं और इंजीनियरिंग के अनुसार दोस्त कैसे बनाए जाते हैं। पुणे के मुख्य अग्निशमन अधिकारी देवेन्द्र पोटफोडे ने वास्तविक आग और इमारत के निवासियों के सामने आने वाली समस्याओं, डिजाइन करते समय निर्माण पेशेवर और वास्तुकार की जिम्मेदारी पर अपने विचार व्यक्त किये

.पुणे स्काई लाइन 2050 में कारों की पार्किंग, कांच की इमारतों, आम नागरिकों की मांग,  ओर विकास के बारे में आर्किटेक्ट राधिका वैद्य, रोहित सरदेसाई, विकास अचलकर, निर्माण पेशेवर नीलेश बोहरा, तेजराज पाटिल, हिमांशु अग्रवाल और अनुभवी आर्किटेक्ट, सलाहकार, इंजीनियर वास्तु विशारद, निर्माण पुनर्वास उद्यमियों जैसे जानकार लोगों ने माध्यम  द्वारा  अपने विचार स्पष्ट रूप से प्रस्तुत किए। सभी गणमान्य व्यक्तियों को लेखक, इंजीनियर प्रकाश मेढेकर  द्वारा लिखित पुस्तकें उपहार में दी गईं। कार्यक्रम का संचलन प्रिया गोखले किया और  प्रकाश  मेढेकरने  सबका आभार प्रदर्शित किया 

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