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बारिश से पहले नाले सफाई के साथ जलभराव रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग

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पुणे . पिछले दो-तीन वर्षों में पुणे शहर में बारिश ने अपना रौद्र रूप दिखाया है। कम समय में असमय और अत्यधिक वर्षा के कारण शहर के कई इलाकों में भारी मात्रा में पानी जमा हो जाता है, जिससे वहां के नागरिकों को भारी कठिनाई का सामना करना पड़ता है। इसलिए आगामी मानसून सीजन को देखते हुए भाजपा महाराष्ट्र प्रवक्ता संदीप खर्डेकर ने पुणे महानगरपालिका आयुक्त राजेंद्र भोसले को एक निवेदन सौंपते हुए बारिश से पहले (मानसून पूर्व) नाले सफाई के साथ-साथ जलभराव ग्रस्त क्षेत्रों में ठोस उपाययोजनाएं करने की मांग की है।

निवेदन में उन्होंने कहा, कि पिछले दो-तीन वर्षों से पुणे शहर में अनियंत्रित और कम समय में अधिक वर्षा के कारण कई क्षेत्रों में भारी जलभराव की समस्या उत्पन्न हुई है। वर्ष 2023 में तो तत्कालीन आयुक्त विक्रम कुमार को खुद सड़कों पर उतरकर जलनिकासी की निगरानी करनी पड़ी थी।

हालांकि इस वर्ष नगर निगम द्वारा नाले और ड्रेनेज लाइनों की सफाई का कार्य प्रारंभ हो चुका है, लेकिन जिन इलाकों में बार-बार जलभराव होता है, वहां विशेष और स्थायी उपाय करने का आश्वासन प्रशासन ने पहले भी दिया था। संदीप खर्डेकर ने प्रभाग क्रमांक 13 के मोरयाकृपा, मधुसंचय, गंगानगरी, चिंतामणि, कुमार परितोष, स्नेह म्हाडा, और समर्थ पथ जैसे क्षेत्रों का उल्लेख करते हुए बताया कि वहां नागरिकों का जीवन बारिश के समय खतरे में पड़ जाता है।

 

खर्डेकर ने यह भी मांग की कि मनपा के सभी क्षेत्रीय कार्यालयों के पास जलभराव संभावित स्थानों की सूची पहले से मौजूद है। प्रशासन को चाहिए कि वह इन स्थानों पर वर्षभर में किए गए उपायों की जानकारी सार्वजनिक करे और यह भरोसा दे कि इस वर्ष नागरिकों को फिर से वही संकट झेलना नहीं पड़ेगा।

उन्होंने यह भी आग्रह किया कि जहां अब तक उपाय नहीं हुए हैं, वहां शेष डेढ़ महीने में कार्य पूर्ण किया जाए, ताकि मानसून के दौरान जनजीवन बाधित न हो।

 

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