Jan Bharat Samachar

यूपीएससी परीक्षा में चाणक्य मंडल की अखिल भारतीय सफलता की परंपरा कायम

Spread the love

पुणे. संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने अपनी अंतिम सूची घोषित कर दी है। हर वर्ष देशभर से सैकड़ों विद्यार्थियों के चयन की परंपरा रखने वाले *चाणक्य मंडल परिवार* ने इस बार भी अपनी सफलता की दौड़ बरकरार रखी है। देश में टॉप रैंक हासिल करने वाली *शक्ति दूबे* और ऑल इंडिया रैंक 22 व महाराष्ट्र से दूसरी रैंक प्राप्त करने वाली *रिया सैनी* ने चाणक्य मंडल में परीक्षा के विभिन्न स्तरों पर मार्गदर्शन लिया है।

UPSC हर साल IAS, IPS जैसी अनेक प्रतिष्ठित सेवाओं के लिए परीक्षा आयोजित करता है, जो पूर्व परीक्षा, मुख्य परीक्षा और व्यक्तित्व परीक्षण जैसे तीन प्रमुख चरणों में होती है। इस वर्ष कुल 1009 उम्मीदवारों का चयन किया गया, जिनमें से महाराष्ट्र सहित 23 राज्यों के 341 छात्रों ने चाणक्य मंडल परिवार से किसी न किसी चरण पर मार्गदर्शन प्राप्त किया। टॉप 10 में शामिल 6 और टॉप 100 में से 41 विद्यार्थियों ने चाणक्य मंडल का मार्गदर्शन लिया है।

यह परीक्षा न केवल ज्ञान बल्कि अभ्यर्थियों के विविध कौशलों की भी परख करती है। इन आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए चाणक्य मंडल पिछले 30 वर्षों से प्रत्येक स्तर पर प्रभावी मार्गदर्शन उपलब्ध करा रहा है, जिससे हर वर्ष हजारों विद्यार्थी लाभान्वित हो रहे हैं।

ऑल इंडिया रैंक 22 प्राप्त करने वाली रिया सैनी ने बताया कि चाणक्य मंडल में मिले धर्माधिकारी सर के मार्गदर्शन से उन्हें काफी लाभ हुआ। वहीं, ऑल इंडिया रैंक 926 प्राप्त करने वाले *प्रथमेश बोराडे* ने कहा कि चाणक्य मंडल द्वारा संचालित *UPSC Comprehensive Course*, *Optional Course*, *Heartbeat Batch* और व्यक्तित्व परीक्षण की पूर्व तैयारी ने उनकी सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सफल उम्मीदवारों के मॉक इंटरव्यू चाणक्य मंडल परिवार के यूट्यूब चैनल पर उपलब्ध हैं।

देशसेवा के लिए चारित्र्यवान युवाओं को तैयार करने के उद्देश्य से कार्यरत *चाणक्य मंडल परिवार* वर्ष 1996 से सक्रिय है। पिछले सात वर्षों से दिल्ली में भी चाणक्य मंडल ने मार्गदर्शन सत्र प्रारंभ किया है। विशेष रूप से परीक्षा के अंतिम और निर्णायक चरण — व्यक्तित्व परीक्षण — को लेकर देशभर से उत्कृष्ट प्रतिसाद मिल रहा है। 30 वर्ष पूर्व आरंभ हुआ यह अभियान अब पूर्णतः अखिल भारतीय बन चुका है |

Exit mobile version