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ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों की खैर नहीं, सस्पेंड होगा ड्राइविंग लाइसेंस

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पुणे. केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय देशभर में ट्रैफिक नियमों की सख्ती से पालन कराने के लिए एक नई पॉइंट-आधारित प्रणाली लागू करने जा रहा है। यह प्रणाली अमेरिका, जर्मनी और कनाडा जैसे देशों में पहले से प्रभावी है, जहां हर ट्रैफिक उल्लंघन पर चालकों को निगेटिव पॉइंट्स (डिमेरिट पॉइंट्स) दिए जाते हैं।

यदि किसी ड्राइवर के खाते में ये पॉइंट्स अधिक हो जाते हैं, तो उसका ड्राइविंग लाइसेंस सस्पेंड या रद्द भी किया जा सकता है। यह जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स के हवाले से सामने आई है।

नई प्रणाली क्या है?
हाल ही में सड़क सुरक्षा पर हुई एक बैठक में सरकार, स्वयंसेवी संस्थाओं, विशेषज्ञों और अन्य जिम्मेदार लोगों की मौजूदगी में इस प्रणाली का प्रारंभिक खाका साझा किया गया। इसके तहत नियमों का उल्लंघन करने वालों को डिमेरिट पॉइंट्स और सही तरीके से वाहन चलाने वालों व दूसरों की मदद करने वालों को मेरिट पॉइंट्स दिए जाएंगे।

यह व्यवस्था क्यों लाई जा रही है?
2019 में मोटर वाहन कानून में बदलाव कर जुर्माने की राशि बढ़ाई गई थी। बावजूद इसके, हर साल लगभग 1.7 लाख लोगों की मौत सड़क हादसों में हो रही है। अधिकारियों का मानना है कि दंड के मुकाबले यह पॉइंट-आधारित प्रणाली ज्यादा असरदार होगी, जिसे डिजिटल तरीके से ट्रैक किया जा सकेगा।

प्रस्ताव के अन्य अहम पहलू:

खराब ट्रैफिक रिकॉर्ड वालों को लाइसेंस रिन्यू से पहले ड्राइविंग टेस्ट देना पड़ सकता है।1500 वॉट से कम क्षमता और 25 किमी/घंटा से कम गति वाले इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए लीनर लाइसेंस अनिवार्य किया जा सकता है।गौरतलब है कि 2011 में भी एक समिति ने इसी तरह की प्रणाली की सिफारिश की थी, लेकिन डिजिटल बुनियादी ढांचे के अभाव में इसे लागू नहीं किया जा सका था।

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