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बांधों से पानी छोड़े जाने से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की स्थायी सुरक्षा योजना सार्वजनिक की जाए – संदीप खर्डेकर की आयुक्त से मांग

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पुणे .प्रतिवर्ष धरण से पानी छोड़े जाने के बाद पुणे शहर की कई बस्तियों और इमारतों में बाढ़ का पानी घुसता है, जिससे वहां के निवासियों को भारी नुकसान और असुविधा का सामना करना पड़ता है। इस स्थिति पर भाजपा के प्रवक्ता श्री संदीप खर्डेकर ने पुणे महानगरपालिका आयुक्त श्री राजेंद्र भोसले को एक निवेदन सौंपते हुए मांग की है कि बाढ़ से बचाव हेतु की गई स्थायी उपाययोजनाओं की जानकारी पुणेकरों के समक्ष सार्वजनिक की जाए। Ye

श्री खर्डेकर ने अपने निवेदन में कहा है कि भारतीय मौसम विभाग ने इस वर्ष 106% बारिश होने का अनुमान व्यक्त किया है। ऐसे में यह आशंका और भी प्रबल हो जाती है कि पुनः धरणों से पानी छोड़े जाने पर नदियों के किनारे की बस्तियां बाढ़ की चपेट में आ सकती हैं।

उन्होंने कहा, “हर वर्ष एक ही चक्र दोहराया जाता है – पानी का विसर्ग, बाढ़ का प्रवेश, नागरिकों का तात्कालिक स्थलांतर, राहत सामग्री का वितरण और कुछ दिनों बाद पुनः अपने घर लौटना। यह दुष्टचक्र वर्षों से चल रहा है। अब समय आ गया है कि इस पर स्थायी समाधान निकाला जाए।”

भाजपा प्रवक्ता ने प्रशासन से आग्रह किया है कि यदि महानगरपालिका या संबंधित विभागों ने बाढ़ से बचाव के लिए कोई दीर्घकालीन योजना बनाई हो, तो उसका खुलासा किया जाए। साथ ही, जिन 50 से 100 स्थानों पर हर वर्ष धरण से पानी छोड़े जाने पर बाढ़ आती है, उनकी वर्तमान स्थिति की जानकारी भी शहरवासियों को दी जानी चाहिए।

उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी योजना के क्रियान्वयन में कोई अड़चनें हैं, तो उन्हें भी पारदर्शिता के साथ जनता के समक्ष प्रस्तुत किया जाए, ताकि नागरिकों को समय रहते उचित जानकारी मिले और प्रशासन को भी जनसहयोग मिल सके।

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