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पुणे में उमड़ा आस्था का जनसागर, पालकी यात्रा का पुणे में भव्य स्वागत

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पुणे, 20 जून: आषाढ़ी वारी के उपलक्ष्य में निकली श्री संत तुकाराम महाराज व श्री संत ज्ञानेश्वर महाराज की पालकी आज पुणे पहुंची, जहां श्रद्धालुओं का अपार जनसागर उमड़ पड़ा। पुणे की सड़कों पर सुबह से ही वारकरी टोलियों का आगमन शुरू हो गया था। भजन, कीर्तन और अभंगों की गूंज के साथ पूरा शहर भक्तिमय वातावरण में डूब गया।

आज पूरे दिन पालकी मार्ग पर वारकऱियों (भक्तों) की भारी भीड़ देखने को मिली। सफेद टोपी और पारंपरिक पोशाक में हजारों वारकरी ‘ज्ञानोबा-तुकोबा’ के जयघोष करते हुए आगे बढ़ते रहे। पुणे नगर निगम, पुलिस प्रशासन और विभिन्न स्वयंसेवी संस्थाओं ने व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए भरपूर प्रयास किए।

सुरक्षा के विशेष इंतजाम

पालकी यात्रा में 5 लाख से अधिक लोगों के आगमन को देखते हुए पुणे पुलिस ने सुरक्षा की चाकचौबंद व्यवस्था की थी। प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक डायवर्जन किया गया। हर मोर्चे पर महिला पुलिस बल, यातायात विभाग, बम डिटेक्शन एंड डिस्पोजल स्क्वॉड (BDDS) तथा होमगार्ड तैनात थे। ड्रोन कैमरों के जरिए भीड़ की निगरानी की जा रही थी।

21 जून को रहेगा पुणे में विश्राम

पालकी यात्रा आज पुणे शहर में विभिन्न स्थानों से होती हुई विश्राम स्थल नाना भवानी पेठ तक पहुंची। कल, 21 जून को पूरे दिन पुणे में पालकी का विश्राम रहेगा। इस दौरान वारकरी विभिन्न स्थानों पर भजन-कीर्तन करेंगे। स्थानीय नागरिक भी बड़ी संख्या में सेवा कार्यों में जुटे हैं – अन्नदान, जल सेवा, मेडिकल सहायता जैसे उपक्रम दिनभर चल रहे हैं।

भक्तों में उल्लास और श्रद्धा

इस बार बारिश के बीच यात्रा का विशेष रोमांच देखने को मिला। कई श्रद्धालु पैदल चलते हुए, ढोल-ताशों की ताल पर नाचते-गाते यात्रा में सम्मिलित हैं। छोटे बच्चे, महिलाएं, बुजुर्ग सभी का उत्साह देखते ही बनता है। पुणे के नागरिकों ने रास्ते में फूलों से स्वागत किया, ठंडा पानी, चाय-नाश्ता आदि की सेवा भी बड़े स्तर पर की गई।

वारकरी परंपरा की जीवंत मिसाल

हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी पुणे ने वारकरी संप्रदाय की इस पवित्र यात्रा को खुले दिल से अपनाया। यह न केवल भक्ति, बल्कि समाज के सहयोग और एकता का भी अद्भुत उदाहरण बना।

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