Site icon Jan Bharat Samachar

कोल्ड चेन तकनीक में भारत सरकार जरूर मदद करेगी- सांसद डॉ. मेधा कुलकर्णी

Spread the love

भारत दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में उभर रहा है और भारत अभी भी एक कृषि प्रधान देश है। किसानों और उपभोक्ताओं को जोड़ने में कोल्ड चेन तकनीक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। भारत सरकार इस क्षेत्र के विकास में जरूर मदद करेगी, ऐसा आज संसद रत्न सांसद (राज्यसभा) डॉ. मेधा कुलकर्णी ने कहा।
ईशरे (इंडियन सोसाइटी ऑफ हीटिंग, रेफ्रिजरेटिंग एंड एयर कंडीशनिंग इंजीनियर्स) पुणे चैप्टर द्वारा आयोजित “विश्व रेफ्रिजरेशन दिवस” के अवसर पर, पुणे में पहली बार वैश्विक स्तर पर आयोजित “ग्रीन कोल्ड चेन कॉन्क्लेव” का उद्घाटन मेधा कुलकर्णी ने किया।
इस अवसर पर ऑल इंडिया कोल्ड स्टोरेज फेडरेशन के अध्यक्ष मुकेश अग्रवाल, डॉ. आर.के. शर्मा, राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड के पूर्व  निर्देशक , सुहाना समूह के आनंद चोरडिया, ईशरे के पूर्व अध्यक्ष अरविंद सुरंगे, चेतन ठाकुर, पूर्व अध्यक्ष नंदकिशोर कोतकर, नवनिर्वाचित अध्यक्ष सुभाष खानडे, हर्षल सुरंगे और वीरेंद्र बोराडे, रोटरी क्लब पुणे नॉर्थ के अध्यक्ष शांति श्रीधर और इस क्षेत्र के कई विशेषज्ञ उपस्थित थे।
अरविंद सुरंगे ने कहा, “पुणे को भारत की रेफ्रीजरेशन राजधानी के रूप में जाना जाता है। कोल्ड चेन हमारे आधुनिक जीवन का एक अभिन्न अंग बन गया है। इसमें खराब होने वाले खाद्य उत्पादन , दवाएं, रक्त भंडारण और टीके शामिल हैं। इसके लिए आवश्यक विभिन्न उपकरणों में से प्रशीतन हृदय की तरह काम करता है। चूंकि प्रशीतन कोल्ड चेन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, इसलिए 26 जून को हर साल “विश्व रेफ्रीजरेशन  दिवस” ​​​​के रूप में मनाया जाता है। कोल्ड चेन की उत्पादन प्रक्रिया और उपयोग में बहुत अधिक ऊर्जा और पानी की खपत होती है। इससे ग्लोबल वार्मिंग और जलवायु परिवर्तन की समस्या भी बढ़ती है। इस क्षेत्र के सभी हितधारकों को इनके प्रतिकूल प्रभावों के तकनीकी समाधान खोजने के लिए एक साथ लाने के लिए इस सम्मेलन का आयोजन किया गया था। यह एक तरह का कुंभ मेला है और एक सशक्त भारत दुनिया को भोजन की आपूर्ति करके अन्नपूर्णा का काम करेगा, ” ऐसी आशा  उन्होने व्यक्त की।
सम्मेलन में श्री अरविंद सुरंगे जैसे विशेषज्ञ शामिल थे; (कोल्ड चेन की यात्रा) प्रो. प्रमोद कुमार (CO₂ रेफ्रिजरेशन) विवेक सावाला (कोल्ड स्टोर से कोल्ड चेन ट्रांसफॉर्मेशन) डॉ. पूर्वा केसकर (ग्रीन कोल्ड चेन प्रोजेक्ट्स के लिए पैसिव फीचर्स), पैनल चर्चा (कोल्ड चेन इनोवेशन और सस्टेनेबिलिटी पर उद्योग विशेषज्ञ) श्री हर्षल सुरंगे (कोल्ड चेन और ग्रीन रेटिंग सिस्टम) श्री नीरज मगनानी (कोल्ड चेन में एआई और आय ओ टी) और श्री यशवंत भोजवानी (कोल्ड चेन सेक्टर में संभावित विकास – सरकारी प्रोत्साहन “सब्सिडी”) विभिन्न विषयों पर।
कार्यक्रम का संचालन विमल चावड़ा और रोशनी गोडबोले ने किया। सुभाष खानडे ने सभी का आभार व्यक्त किया।

Exit mobile version