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गणेश उत्सव से पहले ढोल-ताशा पथकों के लिए अभ्यास स्थल की मांग

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पुणे : आगामी गणेश उत्सव की तैयारियों के बीच, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने पुणे महानगरपालिका (PMC) से शहर के मध्यवर्ती क्षेत्रों में ढोल-ताशा पथकों के लिए अस्थायी अभ्यास स्थल उपलब्ध कराने की मांग की है। ये पारंपरिक वाद्ययंत्र समूह महाराष्ट्र की सांस्कृतिक धरोहर का अहम हिस्सा हैं और पुणे के सार्वजनिक गणेश उत्सव का अभिन्न अंग माने जाते हैं, जिसकी परंपरा 125 वर्षों से भी अधिक पुरानी है।

बुधवार सुबह भाजपा के एक प्रतिनिधिमंडल ने पुणे शहर अध्यक्ष धीरज घाटे के नेतृत्व में महानगर आयुक्त नवल किशोर राम से मुलाकात की और इस संबंध में एक पत्र सौंपा। पत्र में मांग की गई कि पुणे के केंद्रीय क्षेत्रों में स्थित PMC के स्वामित्व वाले मैदानों को अस्थायी रूप से ढोल-ताशा पथकों के अभ्यास हेतु उपलब्ध कराया जाए।

धीरज घाटे ने कहा, “गणेशोत्सव को अब राज्य महोत्सव का दर्जा दिया गया है। ऐसे में यह ज़रूरी है कि पारंपरिक ढोल-ताशा पथकों को अभ्यास के लिए उचित स्थान मिले। ये प्रस्तुतियाँ उत्सव की जान होती हैं और इसके लिए समन्वित व तालबद्ध अभ्यास आवश्यक है।” उन्होंने बताया कि शहर के कोर क्षेत्रों में कई ढोल-ताशा पथकों को अभ्यास स्थल की समस्या का सामना करना पड़ रहा है, जिससे उनकी तैयारियाँ प्रभावित हो रही हैं।

महानगर आयुक्त नवल किशोर राम ने इस मांग पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी और PMC के संपत्ति विभाग व क्रीड़ा विभाग को आवश्यक मैदान उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। धीरज घाटे ने कहा, “इस पहल से हम आशा करते हैं कि इस वर्ष का गणेशोत्सव और भी भव्यता से मनाया जाएगा।”

इस बैठक में धीरज घाटे के साथ पूर्व नगरसेवक अजय खेडेकर, बापू मंकार, रविंद्र साळेगावकर, पुनीत जोशी, सुनील पांडे, राजू परदेशी, तथा ढोल-ताशा महासंघ के प्रतिनिधि अधिवक्ता अनीश पाडेकर और केतन देशपांडे भी उपस्थित थे।

भाजपा ने यह भी कहा कि भाजपा-महायुती सरकार द्वारा पारंपरिक उत्सवों और सांस्कृतिक गतिविधियों को लगातार समर्थन दिया जाता रहा है। गणेशोत्सव को राज्य महोत्सव का दर्जा देना इसी दिशा में एक बड़ा कदम है।

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