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मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में महाराष्ट्र की विकास की यशस्वी यात्रा: आर्थिक प्रगति, सहकारिता और सामाजिक न्याय में राज्य सबसे आगे – विधान परिषद में विधायक अमित गोरखे का वक्तव्य

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पुणे। महाराष्ट्र विधानपरिषद में बोलते हुए विधायक अमित गोरखे ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में राज्य सरकार की उपलब्धियों की प्रशंसा करते हुए महाराष्ट्र की सर्वांगीण प्रगति का लेखाजोखा सभागृह के समक्ष प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि बीते वर्षों में सरकार ने आर्थिक विकास, निवेश, सहकारिता और सामाजिक न्याय के क्षेत्र में ऐतिहासिक कदम उठाकर महाराष्ट्र को ‘विकासशील और प्रगतिशील राज्य’ के रूप में सशक्त पहचान दिलाई है।

विधायक गोरखे ने बताया कि महाराष्ट्र ने देश में विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (FDI) और स्टार्टअप्स की संख्या के मामले में शीर्ष स्थान हासिल किया है। ₹120 करोड़ के ‘फंड ऑफ फंड्स’ के माध्यम से स्टार्टअप इकोसिस्टम को सशक्त किया गया है। दावोस में आयोजित वर्ल्ड इकनॉमिक फोरम में ₹15.72 लाख करोड़ के 63 एमओयू साइन हुए, जिससे राज्य में लाखों रोजगार के अवसर सृजित हुए और राजस्व में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई। राज्य सरकार द्वारा ‘सर्क्युलर इकॉनॉमी’ को प्रोत्साहन दिए जाने से महाराष्ट्र आज ‘स्टार्टअप राजधानी’ के रूप में उभर रहा है।

सहकारिता क्षेत्र को दी नई ऊर्जा
गोरखे ने बताया कि सहकारिता क्षेत्र में ‘सहकार से समृद्धि’ के दृष्टिकोण से सरकार ने अभिनव योजनाएं शुरू कीं। केंद्र सरकार द्वारा सहकारिता मंत्रालय की स्थापना और राज्य सरकार की संगणकीकरण नीति ने पारदर्शिता और कार्यक्षमता में वृद्धि की। ‘अटल अर्थसहाय्य योजना’ को विस्तार देकर वित्तीय संकट से जूझ रही सहकारी संस्थाओं को मजबूती दी गई।

आदिवासी समाज के लिए कल्याणकारी योजनाएं
सरकार ने आदिवासी समुदाय के सर्वांगीण विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए योजनाओं के बजट में 40% की वृद्धि की है। भारतरत्न डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम अमृत आहार योजना, नमो आदिवासी स्मार्ट स्कूल अभियान, ठक्कर बाप्पा आदिवासी योजना जैसी योजनाओं ने शिक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक सशक्तिकरण को गति दी है।

पर्यटन और कोकण विकास को मिला बूस्ट
कोकण क्षेत्र के पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए 17 रेलवे स्टेशनों को राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों से जोड़ने की योजना, आंगणेवाडी मंदिर के लिए ₹33 करोड़ के रोड प्रोजेक्ट और सिंधुदुर्ग में समुद्री संग्रहालय, कृत्रिम प्रवाल व पनडुब्बी पर्यटन पर ₹75 करोड़ का निवेश उल्लेखनीय रहा। साथ ही, पर्यटन नीति-2024 के तहत निजी निवेश को भी बढ़ावा दिया गया। लोणार सरोवर के संरक्षण के लिए विकास समिति का गठन किया गया।

मत्स्य व्यवसाय को प्रोत्साहन
राज्य सरकार ने समुद्री पिंजरा प्रणाली से मत्स्यपालन को बढ़ावा देने की नीति बनाई। मछुआरों को जाल खरीद पर 50% सब्सिडी और रापण संघ के प्रत्येक सदस्य को भी जाल पर 50% अनुदान दिया गया। पालघर के साठपाटी में आधुनिक मछली बाजार की योजना भी इस दिशा में बड़ा कदम है।

विधायक गोरखे ने समापन करते हुए कहा कि इन योजनाओं और प्रयासों के चलते महाराष्ट्र ने विकास की विभिन्न धाराओं में देश में अग्रणी स्थान प्राप्त किया है और राज्य के उज्ज्वल भविष्य के लिए मजबूत नींव रखी गई है।

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