पुणे. ‘एमआईटी वर्ल्ड पीस यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ एजुकेशन, पुणे और एमआईटी राष्ट्रीय सरपंच संसद ने संयुक्त रूप से १९ और २० जुलाई २०२५ को डॉ. विश्वनाथ कराड वर्ल्ड पीस स्कूल, हनुमानवाडी आलंदी( देवाची) में दो दिवसीय महाराष्ट्र वारकरी कीर्तनकार गोलमेज सम्मेलन का आयोजन किया गया है. इस सम्मेलन में पूरे महाराष्ट्र से ६० कीर्तनकार और १५० सरपंच भाग लेंगे. यह जानकारी सम्मेलन के मुख्य समन्वयक योगेश पाटिल, हभप यशोधन महाराज साखरे और एमआईटी वर्ल्ड पीस यूनिवर्सिटी के प्रो वाइस चांसलर डॉ. मिलिंद पांडे ने एक प्रेस कॉन्फेंस में दी.
एमआईटी वर्ल्ड पीस यूनिवर्सिटी के कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. राहुल विश्वनाथ कराड की संकल्पना के तहत यह गोलमेज सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है. सम्मेलन का उद्घाटन शनिवार १९ जुलाई को दपेहर ३ बजे होगा. राज्य के खाद्य एवं औषधि प्रशासन मंत्री नरहरि जिरवल इस समारोह में बतौर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे. साथ ही, इस सत्र में विधान परिषद सदस्य श्रीकांत भारतीय, महाराष्ट्र राज्य साहित्य एवं संस्कृति मंडल के अध्यक्ष डॉ.सदानंद मोरे, खांडबहाले डॉट कॉम के निर्माता डॉ. सुनील खांडबहाले सम्मानित वक्ता के रूप में उपस्थित रहेंगे. कार्यक्रम की अध्यक्षता एमआईटी वर्ल्ड पीस यूनिवर्सिटी के संस्थापक अध्यक्ष विश्वधर्मी प्रो.डॉ. विश्वनाथ दा. कराड करेंगे. साथ ही एमआईटी वर्ल्ड पीस यूनिवर्सिटी के कार्याध्यक्ष डॉ. राहुल विश्वनाथ कराड की विशेष उपस्थिति रहेगी.
साथ ही २० जुलाई को सुबह ९.३० बजे वारकरी समाज के सामाजिक जागरण विषय पर आयोजित होने वाले तीसरे सत्र में राज्य के सूचना प्रौद्योगिकी एवं सामाजिक कार्य मंत्री आशीष शेलार मुख्य अतिथि और उद्घाटनकर्ता के रूप में शामिल होंगे. इस अवसर पर भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के सलाहकार वैभव डांगे और अभय तिलक उपस्थित रहेंगे.
इस सम्मेलन का मुख्य विषय २१वीं सदी में वारकरी समाज के सामाजिक प्रबोधन की दिशा, स्वरूप, समस्याऍ एवं चुनौतियॉ तथा उनके समाधान के संभावित सक्रिय उपाय होगा. सम्मेलन में इस बात पर चर्चा होगी कि वारकरी समाज के माध्यम से किए जा रहे मौलिक जन कल्याणकारी कार्य आध्यात्मिक प्रबोधन के साथ साथ लोगों के जीवन की विभिन्न दैनिक समस्याओं के समाधान हेतु किस प्रकार अधिक उपयोगी होंगे. इस विषय पर विभिन्न कोणों से विचार मंथन करके सामाजिक प्रबोधन के नए विषय और कार्य की एक निश्चित दिशा तय की जाएगी. इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य वारकरी समाज के प्रबोधन कार्य को विस्तार प्रदान करना है.
उद्घाटन के बाद दो दिनों में चार सत्रों में सम्मेलन का समापन होगा. २१वीं सदी में प्रमुख सामाजिक समस्याओं की प्रकृति और चुनौतियाँ, वारकरी समुदाय के सामाजिक प्रबोधन की लोक कल्याणकारी प्रगति, वारकरी समुदाय-२१वीं सदी में प्रबोधन की प्रकृति, समस्याऍ और चुनौतियॉ, वारकरी समुदाय के सामाजिक प्रबोधन में चुनौतियॉ और समस्याओं के समाधान के संभावित उपया विषयों पर सत्र होंगे. इस सम्मेलन में महाराष्ट्र राज्य के प्रख्यात कीर्तनकार, वरिष्ठ वैज्ञानिक, सामाजिक कार्यकर्ता और अनुकरणीय सरपंच अपने मौलिक विचार व्यक्त करेंगे.
सम्मेलन के मुख्य समन्वयक योगेश पाटिल ने बताया कि, वारकरी समुदाय के अनन्य अनुयायी, एमआईटी शैक्षणिक संस्थान समूह के कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. राहुल कराड की माताजी और दार्शनिक कवयित्री श्रीमती उर्मिलाताई कराड की तृतीय पुण्यतिथि २० जुलाई को है. उन्हें महाराष्ट्र वारकरी कीर्तनकार गोलमेज सम्मेलन में भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की जाएगी.
आयोजित प्रेस वार्ता में एमआईटी स्कूल ऑफ एजुकेशन की प्रभारी प्राचार्य डॉ. शालिनी टोणपे और राष्ट्रीय सरपंच संसद के सह समन्वयक प्रकाश महाले उपस्थित थे.

