पुणे। नई पीढ़ी को संस्कारवान बनाने के लिए महिलाओं को जिजामाता का आदर्श सामने रखकर आने वाली पीढ़ी पर संस्कार करना चाहिए, क्योंकि हर सफल पुरुष के पीछे एक सशक्त महिला खड़ी होती है, तभी वह पुरुष सफल होता है। यह बात महाराष्ट्र के उच्च व तकनीकी शिक्षा मंत्री चंद्रकांतदादा पाटील ने व्यक्त की।
कोथरुड में चंद्रकांतदादा पाटील की पहल से आयोजित ‘झाल’ उपक्रम में मायके आई महिलाओं का मिलन समारोह आशिष गार्डन में संपन्न हुआ। इस अवसर पर उद्योजिका स्मिता पाटील, भाजपा मध्य मंडल महिला मोर्चा अध्यक्ष एवं पूर्व नगरसेविका हर्षाली माथवड, पूर्व नगरसेविका वासंती जाधव, छाया मारणे, डॉ. श्रद्धा प्रभूणे-पाठक सहित भाजपा पदाधिकारी उपस्थित थे।
पाटील ने कहा कि राजमाता जिजाऊ माँ साहेब के कारण ही छत्रपति शिवाजी महाराज का निर्माण हुआ और उन्होंने हिंदवी स्वराज्य की स्थापना की। जैसे प्रत्येक सफल पुरुष के पीछे महिला की मजबूत भूमिका होती है, वैसे ही नई पीढ़ी को संस्कारित करने के लिए महिलाओं को जिजामाता का आदर्श अपनाना चाहिए।
उन्होंने आगे कहा कि राजमाता जिजाऊ माँ साहेब की तरह पुण्यश्लोक अहिल्याबाई होलकर ने भी समाज में आदर्श प्रस्तुत किया। उन्होंने मंदिरों का पुनर्निर्माण कराया और उनका शासन इतना आदर्श था कि आज भी उसकी कई मूल्यवान बातें मार्गदर्शक हैं। इनके साथ ही झांसी की रानी लक्ष्मीबाई, सावित्रीबाई फुले, महारानी ताराराणी जैसी कई महिलाओं ने समाज के सामने प्रेरणादायक उदाहरण पेश किए। इसलिए आज की महिलाओं को भी ऐसा ही आदर्श स्थापित करना चाहिए।
कार्यक्रम में कोथरुड की अनेक महिलाएं और रक्षाबंधन पर मायके आई ‘झाल’ उपक्रम की नववधुएं उपस्थित थीं। इनमें से कुछ ने ना. पाटील को राखी बांधकर रक्षाबंधन का त्योहार मनाया।

