
पुणे. जयराज भवन में आयोजित विशेष समारोह में पंजाब केशरी,पू.आ. श्री विजय वल्लभसूरीश्वरजी के वर्तमान पट्टधर, हाल ही में भारत सरकार द्वारा “पद्मश्री “अलंकरण से सम्मानित व महाराष्ट्र सरकार के विशेष राजकीय अतिथि शांतिदूत पू. गच्छाधिपति आ. श्री विजय नित्यानंदसूरीश्वरजी म.सा को विशाल जनसभा मे श्री गोडवाड़ जैन श्वेताम्बर मू. पू. संघ, पुणे के अध्यक्ष श्री फतेचंदजी रांका, सचिव श्री गणपतराजजी मेहता व समस्त ट्रस्ट मंडल ने गुरुदेव श्री को “राष्ट्रसंत” पदवी एवं “सन्मान पत्र”से अलंकृत किया, गुरु पूजन के लाभार्थी श्री फतेचंदजी रांका’ परिवार ने गुरुदेव श्री को *कांबली* ओढाने का लाभ लिया,
विमलचंद संघवी ने सन्मान पत्र का वाचन किया,अध्यक्ष श्री फतेचंदजी रांका*ने अपने वकतव्य में कहा कि गुरु के उपकारों का ऋण तो हम कभी नहीं चुका सकते हैं, मगर इस राष्ट्रसंत पदवी से अलंकृत करते हुए हम स्वयं को गौरवान्वित महसूस करते हैं, पू. मुनिराज *श्री मोक्षानंदविजयजी* ने गुरु के गुणों का वर्णन करते हुए कहा कि गुरु आशीर्वाद से ही भवसागर रुपी संसार से पार हो सकते हैं, *पू.आ. श्री नित्यानंदसूरीश्वरजी म.सा* ने अपने उद्बोधन में कहाँ की पदवी से कहीं ज्यादा मेरे लिए गोडवाड़ वासीयों का स्नेह महत्वपूर्ण है, समाज हित के कार्यों में गोडवाड़ वासीयों की सहभागिता ज्यादा जरुरी है,
इस अवसर पर विमलचंद संघवी द्वारा संपादित “गोडवाड़-99” ग्रंथ को आचार्य श्री को समर्पित किया गया
कार्यक्रम का सुंदर संचालन ट्रस्टी श्री संपतजी जैन ने किया आभार व्यक्त करते हुए संपतजी जैन ने गुरुदेव श्री की मधुर अमृतवाणी का विशेष उल्लेख किया, स्वामी वात्सल्य के साथ ही कार्यक्रम की पूर्णता हुई, कार्यक्रम को सफल बनाने में *श्री प्रकाशजी छाजेड़*, संपतजी जैन, भद्रेश बाफना, सुरेश कुंकुलोल,अशोक लोढ़ा, ललीत ललवाणी, रोहित बाफना,किरण बलडोटा, पारस बोराणा, विजय नाहर आदि की उल्लेखनिय सहभागिता रहीं,एवं समाज के गण मान्य महानुभाव उपस्थित थे.