माऊली संजीवन समाधी पर गणेश अवतार की गई चंदन उटी लेप
आळंदी मंदिर में दर्शन हेतु भक्तों की भीड़

आळंदी. श्री संत ज्ञानेश्वर महाराज संजीवन समाधी पर गुड़ी पड़वा के पावन अवसर पर पारंपरिक रीति-रिवाजों का पालन करते हुए संस्थान द्वारा चंदन उटी के माध्यम से श्री गिरिजात्मक (श्री क्षेत्र लेण्याद्री) के गणेश अवतार स्वरूप का भव्य रूप साकार किया गया। श्री नरसिंह सरस्वती स्वामी महाराज मठ में श्री के पुजारी सुधीर गांधी परिवार द्वारा परंपरागत रूप से गणेश अवतार की छवि को परिश्रमपूर्वक साकार किया गया। इस भव्य रूप के दर्शन हेतु श्रद्धालुओं ने आळंदी मंदिर में भारी संख्या में उपस्थिति दर्ज कराई।
माऊली मंदिर में गुड़ी पड़वा से संजीवन समाधी पर चंदन उटी लेप लगाने की परंपरा प्रारंभ होती है। चैत्र मास की पहली चंदन उटी गुड़ी पड़वा को संजीवन समाधी पर आकर्षक वस्त्राभूषणों के साथ श्री का वैभवी गणेश अवतार रूप साकार किया जाता है। इस परंपरा के तहत, माऊली मंदिर में पवमान अभिषेक पूजा प्रमुख विश्वस्त निरंजन नाथसाहेब के हस्ते संपन्न हुई। इस मौके पर मंदिर के विश्वस्त विधि विशेषज्ञ राजेंद्र उमाप, पालखी सोहळा प्रमुख डॉ. भावार्थ देखणे, व्यवस्थापक माऊली वीर, तुकाराम माने और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
गोपाळपुर स्थित श्री विठ्ठल रुक्मिणी मंदिर में भी श्री नरसिंह सरस्वती स्वामी महाराज की संजीवन समाधी पर चंदन उटी के माध्यम से भव्य गणेश अवतार का रूप साकार किया गया। इस कार्य में श्री क्षेत्रोपाध्ये, पूर्व नगराध्यक्ष सुरेश गांधी, पूर्व नगरसेवक सुधीर गांधी एवं नितीन गांधी परिवार ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।गुड़ी पड़वा के अवसर पर माऊली मंदिर को आकर्षक पुष्प सजावट एवं रंगोली से सजाया गया था, जिससे श्रद्धालुओं के बीच विशेष आकर्षण बना रहा। इसी दौरान मंदिर में घंटानाद, काकड़ा, महापूजा, महिमा पूजा, दूध आरती और धूप आरती जैसे धार्मिक अनुष्ठान भी संपन्न हुए। अक्कलकोट के स्वामी महाराज का रथोत्सव हरिनाम संकीर्तन के साथ भव्य शोभायात्रा के रूप में निकाला गया।गुड़ी पड़वा से मृग नक्षत्र तक माऊली मंदिर एवं श्री नरसिंह सरस्वती स्वामी महाराज मठ में प्रतिवर्ष चंदन उटी का लेप किया जाता है। इस दौरान गुड़ी पड़वा, श्रीराम नवमी, श्री नृसिंह जयंती, अक्षय तृतीया और एकादशी के अवसर पर दशावतार स्वरूपों का निर्माण किया जाता है।
गुड़ी पड़वा के अवसर पर आळंदी में भक्तों की अपार भीड़ उमड़ी। नगर में जगह-जगह रंगोली सजाई गई और घर-घर गुड़ी स्थापित की गई। श्रद्धालुओं ने मंदिर के पास अपने नए वाहन पूजा के लिए प्रस्तुत किए। हालांकि, यातायात पुलिस द्वारा मंदिर के समीप पार्किंग संबंधी सख्त कार्रवाई किए जाने से कुछ भक्तों में नाराजगी भी देखी गई।
30 मार्च से 6 अप्रैल तक अलंकापुरी में श्रीराम जन्मोत्सव का शुभारंभ
इंद्रायणी नदी घाट परिसर स्थित श्री रामचंद्र संस्थान के श्रीराम मंदिर में राम नवमी से वार्षिक उत्सव का शुभारंभ हुआ। 30 मार्च से 6 अप्रैल तक चलने वाले इस उत्सव में प्रतिदिन संध्या को नारदीय कीर्तन सेवा का आयोजन किया जा रहा है। उत्सव के पहले दिन डॉ. परिमल फडके एवं उनकी टीम द्वारा भरतनाट्यम प्रस्तुत किया गया, जबकि पंढरीनाथ महाराज रोकडे और ज्ञानेश्वरी रोकडे द्वारा अभंगवाणी और भजन संध्या का आयोजन किया गया। राम नवमी के अवसर पर श्रीराम पालखी नगर प्रदक्षिणा निकाली जाएगी। प्रमुख विश्वस्त संजय आवेकर ने श्रद्धालुओं से इस धार्मिक आयोजन में अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित रहने का आह्वान किया। पूरे आळंदी शहर में श्रद्धालुओं ने गुड़ी स्थापित कर गुड़ी पड़वा का उल्लासपूर्ण स्वागत किया।