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महावितरण की अपील: बिजली उपकरणों के पास कचरा न डालें, न जलाएं

अब तक 6 जगहों पर आग; 6 लाख से ज्यादा उपभोक्ताओं को नुकसान

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सुरक्षित बिजली आपूर्ति में आग का खतरा

पुणे. भीषण गर्मी के कारण बिजली की मांग तेजी से बढ़ रही है, जिससे बिजली वितरण प्रणाली पर दबाव बढ़ गया है। इस बीच, शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में महापारेषण और महावितरण की बिजली आपूर्ति प्रणाली के पास या बिजली तारों के नीचे गन्ना, घास और कचरा जलाने की घटनाएं सामने आई हैं। बीते एक महीने में आग लगने के कारण छह स्थानों पर बिजली आपूर्ति प्रणाली में खराबी आई, जिससे करीब 6 लाख 23 हजार उपभोक्ताओं को बिजली कटौती का सामना करना पड़ा, वहीं महावितरण को भी बिजली बिक्री में नुकसान उठाना पड़ा।

महावितरण के अनुसार, शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित विद्युत उपकेंद्रों, कृषि क्षेत्रों, सार्वजनिक स्थानों और इमारतों के आसपास सूखा या गीला कचरा डालने या बिजली तारों के नीचे कचरा जलाने से बिजली आपूर्ति को खतरा होता है। इससे बिजली कटौती की घटनाएं बढ़ रही हैं। महावितरण ने नागरिकों से अपील की है कि वे बिजली उपकरणों के पास या बिजली तारों के नीचे कचरा न डालें और न ही आग लगाएं।

 

23 फरवरी से 28 मार्च तक 5 प्रमुख आग की घटनाएं

 

महापारेषण और महावितरण की कई बिजली लाइनें खेतों और जंगलों से होकर गुजरती हैं। बीते एक महीने में, टॉवर लाइनों के नीचे 5 बार आग लगने की घटनाएं हुईं। इससे चाकण, भोसरी, हिंजवड़ी फेज 1 से 3 के छोटे-बड़े उद्योगों सहित पिंपरी-चिंचवड़, वाकड़, भोसरी गांव और मुलशी तालुका के हजारों घरों व व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में बिजली आपूर्ति बाधित हुई। करीब 5 लाख 96 हजार उपभोक्ताओं को दो से तीन बार 45 से 60 मिनट तक बिजली कटौती झेलनी पड़ी।

 

पुणे शहर में नवले ब्रिज ओढ़ा क्षेत्र में कचरे के ढेर में आग लगने से महावितरण के अमित उपकेंद्र की बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई। इस कारण 27 हजार उपभोक्ताओं को बिजली कटौती का सामना करना पड़ा। इन सभी घटनाओं से महावितरण को भी बड़ा आर्थिक नुकसान हुआ है।

 

महावितरण की अपील: सुरक्षा का रखें ध्यान

 

महावितरण ने सार्वजनिक स्थानों पर स्थित ट्रांसफॉर्मरों को सुरक्षात्मक जाल और कंपाउंड से घेरा है। लेकिन कई स्थानों पर लोग वहां कचरा और बचे हुए खाद्य पदार्थ फेंक रहे हैं, जिससे चूहे, बिल्ली, पक्षी और अन्य जानवर वहां पहुंचकर बिजली उपकरणों के संपर्क में आ जाते हैं। इससे शॉर्ट सर्किट की घटनाएं होती हैं, जिससे बिजली आपूर्ति बाधित होती है और कई बार जानवरों की जान भी चली जाती है। महावितरण ने नागरिकों से अपील की है कि वे बिजली लाइनों के नीचे, ट्रांसफार्मर, फीडर पिलर और अन्य बिजली आपूर्ति उपकरणों के पास कचरा न डालें और न ही आग लगाएं। अगर कहीं भी बिजली उपकरणों के पास आग लगती है, तो तुरंत महावितरण के 24×7 टोल-फ्री नंबर 1912 / 18002123435 या 18002333435 पर सूचना दें।

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