सौ. अंजली चंद्रकांत पाटील ‘गीताव्रती’ उपाधि से सम्मानित

पुणे। कोथरूड विधानसभा क्षेत्र के विधायक तथा महाराष्ट्र के उच्च व तकनीकी शिक्षा मंत्री चंद्रकांत पाटील की पत्नी सौ. अंजली पाटील को ‘गीता परिवार’ द्वारा प्रतिष्ठित ‘गीताव्रती’ उपाधि से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान श्रीमद्भगवद्गीता के शुद्ध उच्चारण, पूर्ण पाठ और उसके गूढ़ अर्थ के अध्ययन में प्रावीण्य प्राप्त करने पर प्रदान किया जाता है।
सौ. अंजली पाटील पेशे से कॉस्ट ऑडिटर हैं। व्यस्त पारिवारिक और सामाजिक जिम्मेदारियों के बावजूद उन्होंने गीता का गहन अध्ययन किया। ‘गीता परिवार’ के ऑनलाइन और ऑफलाइन वर्गों के माध्यम से उन्होंने गीता के सभी 18 अध्यायों का अध्ययन पूर्ण किया। उन्होंने केवल पाठांतर ही नहीं, बल्कि गीता के कर्मयोग सिद्धांतों को अपने जीवन में उतारने का भी प्रयास किया।
‘गीता परिवार’ संस्था के मार्गदर्शन में यह अध्ययन पूरा किया गया, जो श्री रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंददेवगिरी जी महाराज के नेतृत्व में विश्वभर में गीता का प्रचार-प्रसार कर रही है।
संस्था की ओर से ‘गीताव्रती’ उपाधि एक महत्वपूर्ण आध्यात्मिक उपलब्धि मानी जाती है, जो उन साधकों को दी जाती है, जो गीता के शुद्ध पाठ और उसके सार को आत्मसात करने में दक्षता प्राप्त करते हैं।



