आम लोगों के शैक्षिक सशक्तिकरण के लिए कांग्रेस सदैव प्रतिबद्ध – गोपालदादा तिवारी
महिलाओं को हर महीने 1500 रुपये देकर उन्हें परावलंबी बनाने की नीति गलत

पुणे / सातारा : राज्य की सत्ताधारी ‘भाजप समर्थित महायुति’ सरकार द्वारा 10 हजार स्कूल बंद करने का निर्णय गरीब, वंचित और ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों को शिक्षा से दूर रखने की साजिश है। यह फैसला महाराष्ट्र की प्रगतिशील परंपरा पर कलंक है। इसके विरोध में सावित्रीबाई फुले की बेटियां सड़कों पर उतरकर सरकार से जवाब मांगेंगी, ऐसा कड़ी चेतवानी कांग्रेस के वरिष्ठ राज्य प्रवक्ता गोपालदादा तिवारी ने दिया।सातारा में पश्चिम महाराष्ट्र शिक्षक कांग्रेस की ओर से आयोजित ‘नारी शक्ति का सम्मान – जिजाऊ, सावित्री, रमाई, अहिल्या की बेटियों तथा जागर संविधान का’ कार्यक्रम आयोजित किया गया था, इस अवसर पर वो बोल रहे थे. इस मौके पर महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस महासचिव यशराज पारखी, दाहर मुजावर, सातारा जिला महिला अध्यक्ष सुषमा घोरपड़े, मनीषा साळुंखे, श्रीकांत कांबळे, नाना कारंडे, पश्चिम महाराष्ट्र शिक्षक कांग्रेस के सत्यजीत जाधव, हरिदास चव्हाण, कल्पनाताई शेरे, भारत धावरे, अरविंद जैनापुरे, डॉ. विक्रम गायकवाड, सुरज कुलकर्णी सहित अनेक गणमान्य उपस्थित थे।

गोपाल दादा तिवारी ने कहा कि वोटों के लाभ के लिए महिलाओं को हर महीने 1500 रुपये देकर उन्हें परावलंबी बनाने की नीति गलत है। गांवों, वाड़ी-बस्तियों के स्कूल बंद कर समूह शालाओं की नीति लागू करने से पहाड़ी और दुर्गम क्षेत्रों के अनेक बच्चे शिक्षा से वंचित हो रहे हैं। इसके खिलाफ कांग्रेस पार्टी पूरी मजबूती से संघर्ष करेगी।
उन्होंने आगे कहा कि महात्मा गांधी के लोक कल्याणकारी विचारों पर आधारित नीतियों को कांग्रेस ने हमेशा लागू किया है। वर्ष 1980 में तत्कालीन मुख्यमंत्री बैरिस्टर ए. आर. अंतुले ने दिव्यांगों, वृद्धों, निराधार पुरुषों और विधवा महिलाओं के लिए मासिक अनुदान देने का मानवीय निर्णय लिया था। यह फैसला चुनावी नहीं बल्कि जनोन्मुखी राजनीति का उदाहरण है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता ओबीसी नेता एवं महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस के महासचिव भानुदास माली ने की। प्रमुख अतिथि के रूप में प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष संध्याताई सव्वालाखे उपस्थित थीं।
सव्वालाखे ने कहा कि स्थानीय स्वराज्य संस्थाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण और गरीब बच्चों के लिए शिक्षा का अधिकार कानून कांग्रेस सरकार की ही देन है। नारी शक्ति का सच्चा सम्मान कांग्रेस ने अपने कार्यों से किया है।
इस अवसर पर डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर ने जिस प्रताप विद्यालय में शिक्षा प्राप्त की थी, उसी विद्यालय के 10 विद्यार्थियों ने संविधान ज्योत प्रज्वलित कर कार्यक्रम स्थल तक लाई और संविधान निर्माता बाबासाहेब को क्रांतिज्योति के रूप में नमन किया।
पश्चिम महाराष्ट्र शिक्षक कांग्रेस की ओर से शिक्षा क्षेत्र में योगदान देने वाले 51 शिक्षक-शिक्षिकाओं को ‘नारी शक्ति सम्मान 2026’ तथा 5 शिक्षक दंपतियों को ‘सावित्री ज्योति सम्मान 2026’ से सम्मानित किया गया।



