जैन शासन स्थापना दिवस श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया

पुणे : जैन समाज द्वारा 2582वां “जैन शासन स्थापना दिवस” पुणे के प्राचीन श्री गोडी पार्श्वनाथ मंदिर में अत्यंत श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण से गूंज उठा। इस दौरान जैन श्रद्धालुओं ने पूजा के विशेष वस्त्र धारण कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई। इस अवसर पर मंदिर को आकर्षक फूलों से भव्य रूप से सजाया गया था, जिससे पूरा वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से भर गया। प.पू. आचार्य विमल बोधी महाराज की पावन उपस्थिति में भगवान महावीर की प्रतिमा को वाजत-गाजत पालखी के माध्यम से मंदिर में लाया गया। इसके पश्चात जैन समाज के प्रतिष्ठित नागरिकों के हाथों दीप प्रज्वलन कर जैन ध्वज फहराया गया। ध्वजारोहण के समय उपस्थित श्रद्धालुओं ने जैन ध्वज को सलामी देते हुए “जैन धर्म का जय जयकार” के उद्घोष लगाए, जिससे वातावरण गुंजायमान हो उठा।

इस अवसर पर आचार्य विमल बोधी महाराज ने अपने प्रवचन में जैन शासन स्थापना दिवस का महत्व बताते हुए कहा कि जैन धर्म विश्व के प्राचीनतम धर्मों में से एक है। उन्होंने बताया कि तीर्थंकर भगवान महावीर को केवलज्ञान प्राप्त होने के बाद जैन शासन की स्थापना हुई, जो आज भी अहिंसा, सत्य और संयम का संदेश देता है।कार्यक्रम में जैन साधु-साध्वी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। साथ ही जैन समाज के अनेक श्रद्धालुओं ने बड़ी संख्या में सहभागिता कर इस पावन दिवस को भक्ति और उल्लास के साथ मनाया।



