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पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ में मचा हड़कंप : जहरीली देसी शराब का कहर, 12 लोगों की मौत

कुछ अन्य सीरियस, शराब माफिया गिरफ्तार

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पुणे/पिंपरी। पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ शहर में केमिकलयुक्त देसी शराब पीने से 12 लोगों की मौत होने की सनसनीखेज घटना सामने आई है। पुणे के हडपसर क्षेत्र स्थित कालेपडल इलाके में पांच लोगों की, जबकि पिंपरी-चिंचवड़ के फुगेवाडी क्षेत्र में सात लोगों की मौत होने की जानकारी सामने आई है। इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में भय और आक्रोश का माहौल है। इसी संबंध में सामाजिक कार्यकर्ता रोहन सुरवसे पाटिल ने एक ज्ञापन देकर कहा है कि मृतकों का आंकड़ा 15 तक पहुंच गया है।
मृतकों की पहचान पांडुरंग सदाशिव फुगे (57), विजय प्रकाश राठोड (32), राजेंद्र प्रकाश राठोड (34), राजेंद्र राजपूत (51), अकबर पठाण (52), आनंद पांडुरंग देसाई (60) तथा आनंद काशीनाथ निकालजे (70, सभी निवासी फुगेवाडी) के रूप में हुई है। वहीं, हडपसर के काळेपडल क्षेत्र में मृत हुए अन्य लोगों की पहचान की प्रक्रिया जारी बताई जा रही है।
शुरुआत में फुगेवाडी में हुई मौतों को लेकर पुलिस की ओर से दावा किया गया था कि मृतकों में से कुछ लोगों की मौत हार्ट अटैक और अन्य कारणों से हुई है। हालांकि, बाद में जांच में यह सामने आया कि सभी मृतकों ने केमिकल मिश्रित जहरीली शराब का सेवन किया था। इसके बाद पूरे मामले ने गंभीर रूप ले लिया है और पुलिस व आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं।
इस मामले में पिंपरी-चिंचवड़ पुलिस ने योगेश वानखेडे नामक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, योगेश वानखेडे लंबे समय से स्पिरिट और केमिकल मिलाकर अवैध देसी शराब बनाने और सप्लाई करने का कारोबार कर रहा था। दो दिन पहले उसने फुगेवाडी और हडपसर के काळेपडल इलाके में यह जहरीली शराब पहुंचाई थी।
प्राथमिक जांच में सामने आया है कि इसी शराब के सेवन से फुगेवाडी में 7 और काळेपडल में 5 लोगों की मौत हुई। कई अन्य लोगों की तबीयत बिगड़ने की भी जानकारी सामने आ रही है, हालांकि प्रशासन की ओर से आधिकारिक आंकड़े अभी भी जारी नहीं किए गए हैं।
सबसे गंभीर बात यह है कि योगेश वानखेडे आबकारी विभाग के रिकॉर्ड पर पहले से ही शातिर आरोपी बताया जा रहा है। उसके खिलाफ वर्ष 2023, 2024 और 2025 में भी केमिकलयुक्त शराब के मामले दर्ज हुए थे। बावजूद इसके उस पर कठोर कार्रवाई नहीं होने से प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं। नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई की जाती तो कई निर्दोष लोगों की जान बचाई जा सकती थी।
इस घटना के बाद आबकारी विभाग और स्थानीय पुलिस की भूमिका भी संदेह के घेरे में है। लोगों का सवाल है कि क्या दापोडी पुलिस और एक्साईज विभाग को इस अवैध शराब कारोबार की जानकारी नहीं थी? यदि जानकारी थी तो कार्रवाई क्यों नहीं की गई?
सूत्रों के मुताबिक, मामले की गंभीरता बढ़ने के बाद आरोपी योगेश वानखेडे देर रात आबकारी विभाग के समक्ष सरेंडर हुआ, जिसके बाद उसे पिंपरी-चिंचवड़ पुलिस के हवाले कर दिया गया। पुलिस अब पूरे नेटवर्क, सप्लाई चेन और इसमें शामिल अन्य लोगों की तलाश में जुटी हुई है।
इस मामले पर राज्य की उपमुख्यमंत्री एवं राज्य उत्पादन शुल्क मंत्री तथा पुणे जिले की पालकमंत्री सुनेत्रा पवार ने भी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि पुणे शहर के हडपसर तथा पिंपरी-चिंचवड़ के दापोडी-फुगेवाडी क्षेत्र में जहरीली शराब पीने से 12 नागरिकों की मौत की घटना अत्यंत दुखद है। उन्होंने पुलिस, राज्य उत्पादन शुल्क विभाग और स्थानीय प्रशासन को इस पूरे प्रकरण की गहराई से जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
सुनेत्रा पवार ने बताया कि अब तक आठ लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है और जांच जारी है। उन्होंने कहा कि दोषियों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी तथा भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों, इसके लिए अवैध शराब कारोबार पर विशेष अभियान चलाया जाएगा।
स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने मृतकों के परिवारों को आर्थिक सहायता देने तथा मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। वहीं, राजनीतिक स्तर पर भी इस घटना को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आने लगी हैं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि किसी भी प्रकार की अवैध शराब की जानकारी तुरंत पुलिस और प्रशासन को दें।

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