भारी बारिश से बोपोडी जलमग्न, राहत कार्यों के लिए मैदान में उतरे उपमहापौर परशुराम वाडेकर
नदी सुधार परियोजना के अधिकारियों की लापरवाही जिम्मेदार : उपमहापौर का गंभीर आरोप

पुणे, 6 जुलाई 2026 : पिछले दो दिनों से पुणे शहर में हो रही लगातार भारी बारिश के कारण बोपोडी क्षेत्र से होकर बहने वाली मुला नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया। इसके चलते प्रभाग क्रमांक 8 के नदी किनारे स्थित कई बस्तियों में बाढ़ का पानी घुस गया, जिससे जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया। प्रभावित नागरिकों की सहायता के लिए उपमहापौर परशुराम वाडेकर स्वयं घुटनों तक पानी में उतरकर राहत कार्यों का जायजा लेने पहुंचे।
उपमहापौर परशुराम वाडेकर ने आरोप लगाया कि नदी सुधार परियोजना के अधिकारियों की लापरवाही के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई है। उन्होंने कहा कि भारी बारिश के बाद आदर्श नगर, कोटकर लेन, मंत्री रिवेरा, गोयल-शिंदे पार्क, बोपोडी श्मशानभूमि, मुस्लिम कब्रिस्तान परिसर, चिखलवाड़ी और पड़ाल वसाहत जैसे इलाकों में बाढ़ का पानी भर गया। कई घरों में पानी घुसने से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा। पुणे महानगरपालिका द्वारा स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और आवश्यक राहत कार्य किए जा रहे हैं।
वाडेकर ने बताया कि नदी पर बन रहे नए पुलों के निर्माण के दौरान बनाए गए अस्थायी पुलों के ढांचे अब भी नदी में पड़े हुए हैं, जिससे पानी के प्राकृतिक प्रवाह में बाधा उत्पन्न हो रही है। इस संबंध में उन्होंने नदी सुधार परियोजना के अधिकारी गोजारे का ध्यान पहले भी आकर्षित कराया था और नगर निगम की बैठक में भी यह मुद्दा उठाया था, लेकिन अधिकारियों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। उनका कहना है कि इसी कारण नदी में बड़ा बाढ़ प्रवाह न होने के बावजूद बोपोडी का बड़ा हिस्सा जलमग्न हो गया।
स्थिति का जायजा लेने के दौरान उपमहापौर परशुराम वाडेकर के साथ पूर्व उपमहापौर सुनीता वाडेकर, आनंद छाजेड, नगरसेविका सपना छाजेड, अविनाश कदम, आप्पासाहेब वाडेकर, पुणे महानगरपालिका के परिमंडल क्रमांक-2 के उपायुक्त अविनाश सपकाळ तथा औंध-बोपोडी क्षेत्रीय कार्यालय के सहायक आयुक्त विजय नायकल भी मौजूद रहे। सभी ने प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कर नागरिकों से बातचीत की और संबंधित अधिकारियों को तत्काल राहत, जल निकासी, सफाई, स्वास्थ्य संबंधी उपाय तथा आवश्यक सभी संसाधन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
उपमहापौर ने बताया कि बोपोडी की स्थिति से पुणे महानगरपालिका के आयुक्त नवल किशोर राम को भी अवगत कराया गया है। आयुक्त ने मामले को गंभीरता से लेते हुए इस संबंध में मंगलवार दोपहर एक समीक्षा बैठक बुलाने का निर्णय लिया है।



