ईद-ए-मिलाद की मिरवणूक पूरी तरह डीजेमुक्त हो : मिस फराह चैरिटेबल फाउंडेशन

पुणे : ईद-ए-मिलाद की मिरवणूक को पूरी तरह डीजेमुक्त करने की मांग को लेकर मिस फराह चैरिटेबल फाउंडेशन ने पुणे पुलिस प्रशासन को कड़ा संदेश दिया है। फाउंडेशन ने स्पष्ट किया है कि यदि 26 अगस्त की मिरवणूक में डीजे बजते रहे और पुलिस प्रशासन ने नियमों के अनुसार कार्रवाई नहीं की, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ न्यायालय में अवमानना (Contempt of Court) की कार्यवाही शुरू करने का विकल्प अपनाया जाएगा।
फाउंडेशन की अध्यक्षा डॉ. फरहा अन्वर हुसैन शेख और संचालक अन्वर शेख ने कहा कि पिछले लगभग दस वर्षों से मुस्लिम समाज के नागरिक और विभिन्न सामाजिक संगठन ईद-ए-मिलाद की मिरवणूक में डीजे बंद करने की मांग कर रहे हैं। मिस फराह चैरिटेबल फाउंडेशन भी पिछले 5–6 वर्षों से इस मुद्दे को लगातार पुलिस प्रशासन के समक्ष उठा रही है।
फाउंडेशन के अनुसार इस वर्ष पुणे पुलिस आयुक्त (CP), सभी DCP, ACP, क्राइम ब्रांच, स्पेशल ब्रांच, संबंधित जोनल अधिकारियों तथा सभी संबंधित पुलिस थानों के वरिष्ठ अधिकारियों को लिखित निवेदन सौंपा गया है। संगठन की मांग है कि मिरवणूक में डीजे पूरी तरह बंद किए जाएं और केवल आवाज कम करने जैसे उपायों तक बात सीमित न रहे।
फाउंडेशन का कहना है कि ईद-ए-मिलाद पैगंबर हजरत मोहम्मद ﷺ के जन्मदिवस के अवसर पर मनाया जाने वाला धार्मिक पर्व है, जिसमें शांति, प्रेम, मानवता, भाईचारे, नात और सीरत का संदेश दिया जाना चाहिए। बड़े डीजे, अत्यधिक ध्वनि और फिल्मी या अश्लील गीत इस धार्मिक परंपरा का हिस्सा नहीं हैं।
संगठन ने वर्ष 2022 की एक घटना का उल्लेख करते हुए दावा किया कि डीजे की तेज आवाज के दौरान एक बुजुर्ग व्यक्ति की हार्ट अटैक से मृत्यु हुई थी। इसके अलावा ध्वनि प्रदूषण के कारण बुजुर्गों, बच्चों, बीमार व्यक्तियों और आम नागरिकों को होने वाली परेशानियों की ओर भी ध्यान आकर्षित किया गया।
फाउंडेशन ने कहा कि डीजे कौन लाता है, उसका आयोजन कौन करता है और उसकी फंडिंग कहां से होती है, इसकी भी प्रशासन को जांच करनी चाहिए। संगठन का कहना है कि हर वर्ष पुलिस की मौजूदगी में डीजे बजते हैं, इसलिए नियमों का पालन सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है।
मिस फराह चैरिटेबल फाउंडेशन ने दोहराया कि उनका उद्देश्य ईद-ए-मिलाद की मिरवणूक को रोकना नहीं, बल्कि उसे शांतिपूर्ण, धार्मिक, अनुशासित और पूरी तरह डीजेमुक्त बनाना है। संगठन की एकमात्र मांग है — “डीजे का थर कम नहीं, डीजे ही पूरी तरह बंद करो।”



