राष्ट्रनिर्माण के लिए समाज की भागीदारी जरूरी : स्वामी रामदेव बाबा
‘लाइफ ट्रान्सफॉर्मेशन सेंटर’का उद्घाटन

पुणे , दि. १३ मार्च : राष्ट्र निर्माण के लिए राजनीति नहीं बल्कि समाज की भागीदारी बहुत जरुरी है. टैलेंट, हालात और संघर्षों में पैदा होता है. इसी टैलेंट से बने लाइफ ट्रांसफॉर्मेशन सेंटर ने छात्रों की जिंदगी बदलने का एक अनोखा काम शुरू किया है. यह कैरेक्टर, पर्सनैलिटी और राष्ट्र निर्माण में एक बहुत बडा योगदान होगा. यह विचार पतंजलि योगपीठ के फाउंडर और आध्यात्मिक गुरू स्वामी रामदेव बाबा के . उन्होंने यह भी कहा कि जिंदगी बदलने का एक बहुत बडा फॉर्मूला यहीं छिपा है.
स्वर्गीय उर्मिला वी. कराड की याद में देश में पहली बार उच्च शिक्षा क्षेत्र में दौड तहसील के बोरीबेल में बनाए गए लाइफ ट्रांसफॉर्मेशन सेंटर के उद्घाटन पर बतौर मुख्य अतिथि के रुप में बोल रहे थे. एमआईटी वर्ल्ड पीस यूनिवर्सिटी के संस्थापक अध्यक्ष विश्वधर्मी प्रो.डॉ. विश्वनाथ दा. कराड मौजूद थे. साथ ही लाइफ ट्रांसफॉर्मेशन सेंटर के संकल्पक और निर्माते डॉ. राहुल विश्वनाथ कराड भी मौजूद थे.
इस मौके पर लाइफ ट्रांसफॉर्मेशन सेंटर का ब्रोशर रिलीज किया गया.
इस मौके पर पद्मश्री पोपटराव पवार, राजीव गांधी खेलर त्न अवॉर्डी रंजन सोदी, संजीव निकम ,नंदकिशोर पाचपुते मुख्य अतिथि के रुप में उपस्थित थे. साथ ही बापूसाहेब मोरे, विधायक रमेशअप्पा कराड, योगेश पाटिल ऑनरेबल गेस्ट थे. जबकि सीओओ डॉ. प्रसाद खांडेकर और स्टूडेंट रिप्रेजेंटेटिव मौजूद थे.

स्वामी रामदेव बाबा ने कहा, एजुकेशन और सेल्फ डिसिप्लिन लाइफ ट्रांसफॉर्मेशन में पावरैफुल हैं. युवाओं में बहुत पोटेंशियल है. हमारे सपने सिर्फ सैलरी तक लिमिटेड नहीं होने चाहिए बल्कि समाज और देश को बनाने में कंट्रीब्यूट करने चाहिए. हमें हिम्मत और कडी मेहनत से तय गोल को पाने की कोशिश करनी चाहिए. क्योंकि सोचने का प्रोसेस बहुत डायनामिक होता है, इसलिए हमें अपने खाने और विचारों के बारे में लगातार अवेयर रहना चाहिए. साथ ही हमें अपने शरीर, मन और इमोशंस को कंट्रोल करना चाहिए.
बच्चों में ८ घंटे डिजिटल मीडिया पर बिताते है, लेकिन उन्हें इससे कुछ नहीं मिलता. गांवों में काम करने क ेलिए बहुत कुछ हैं. यहां मॉडल गांवों और कैरेक्टर बिल्डिंग के लिए एक अच्छा एजुकेशन सिस्टम बनाया जाना चाहिए. यह आजादी के बाद देश का इंडियन एजुकेशन सिस्टम नहीं है. इसके लिए काम किया जाना चाहिए. यह स्वामी रामदेव बाबा की दी हुई सलाह है.
केंद्रीय कृषि और किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ऑनलाइन भाषण में कहा, एलटीसी पहल भारत की नेशनल एजुकेशन पॉलिसी में सोची गई एक्सपीरियंशियल एजुकेशन के मूल को दिखाती है. यह भारत को मजबूत बनाने, कॉन्फिडेंट और राष्ट्र निर्माण करने वाले युवा बनाने में मदद करेगी.
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने ऑनलाइन मैसेज में कहा कि डॉ. राहुल कराड द्वारा दूर की सोच के साथ स्थापित प्रोजेक्ट से समाज को एक स्टेट ऑफ द आर्ट एजुकेशन सिस्टम के जरिए एक नई दिशा मिलेगी. पांच सिद्धांतों पर आधारित यह सेंटर मानव कल्याण के लिए है.
डॉ. राहुल विश्वनाथ कराड ने कहा, यह सेंटर ५ पिलर्स पर आधारित है, खेती और नेचर,फिजिकल फिटनेस और स्पोर्टस, ऑर्गेनाइजेशनल स्किल्स और लीडरशिप, देशभक्ति ओर नेशन बिल्डिंग और स्पिरिचुअलिटी और मन की शांति. इस वजह से यह एजुकेशन सेक्टर में स्टूडेंट्स की फिजिकल, इंटेलेक्चुअल और मेंटल हेल्थ को डेवलप करने के साथ साथ जिंदगी के प्रति उनका नजरिया डेवलप करने के लिए एक माइलस्टोन है. यह पूरे इंडिया का है और स्टूडेंस को इसका फायदा उठाना चाहिए और बाहर जाकर देश के ट्रांसफॉर्मेशन के लिए काम करना चाहिए.
डॉ. विश्वनाथ दा. कराड ने कहा, अगर इंडिया को विश्व गुरु के तौर पर देखना है, तो यह सेंटर एक अहम रोल निभाएगा. यह सेंटर जिंदगी को एक नया नजरिया देता है. शरीर, बुद्धि, आत्मा और मन पर फोकस करें और उनका ध्यान रखें.
रंजन सोढ़ी ने कहा, देश में सभी सेक्टर्स के साथ साथ एजुकेशन सिस्टम जिस हद तक बदल रहा है, लाइफ ट्रांसफॉर्मेशन सेंटर इसके लिए एक अहम रोल निभाता है. साथ ही जिंदगी में खेल के साथ कम्युनिकेशन भी बहुत जरूरी है.
इस मौके पर राज्य की डिप्टी चीफ मिनिस्टर श्रीमती सुनेत्रा अजीत पवार, चंद्रकांत पाटिल, आमदार दत्तात्रेय भरणे और ले. जनरल धीरज सेठ ने ऑनलाइन शुभकामनाएं दी.
डॉ. गौतम बापट ने मॉडरेट किया. डॉ. प्रसाद खांडेकर ने आभार माना.



