ऋषभजी ना पगले…” के जयघोष के साथ 251 तपस्वियों का भव्य वर्षितप पारणोत्सव का आयोजन
गुरुवार पेठ से नाकोडा भवन तक निकली गई भव्य शोभायात्रा

जैन समाज की बड़ी संख्या में भागीदारी
पुणे: पुणे में जैन समाज द्वारा “ऋषभजी ना पगले… पगले” के जयघोष के साथ वर्षितप महातप के 251 तपस्वियों के शाही पारणोत्सव के उपलक्ष्य में भव्य शोभायात्रा का आयोजन किया गया। यह शोभायात्रा गुरुवार पेठ से प्रारंभ होकर नाकोडा भैरव जैन भवन तक निकली गई। इस धार्मिक आयोजन में जैन साधु राजरत्न सुरीश्वरजी महाराज सहित अन्य संतों की पावन उपस्थिति रही, जिससे पूरा वातावरण श्रद्धा और भक्ति से सराबोर हो गया। बड़ी संख्या में जैन समाज के श्रद्धालु शोभायात्रा में शामिल हुए और धर्म के प्रति अपनी आस्था प्रकट की। नाकोडा भवन पहुंचने पर जैन साधुओं का जैन महिलाओं द्वारा भव्य स्वागत किया गया। इस दौरान पूरे परिसर में धार्मिक और मंगलमय वातावरण देखने को मिला। कार्यक्रम के अंतर्गत पत्रिका लेखन उत्सव भी आयोजित किया गया। जैन परंपरा के अनुसार विवाह की पहली पत्रिका भगवान के नाम लिखकर अर्पित की जाती है। इसी परंपरा का पालन करते हुए 251 वर्षितप तपस्वियों के शाही पारणोत्सव के लिए “जय जिनेंद्र” पत्रिका लेखन का शुभारंभ लाभार्थियों द्वारा विधिपूर्वक किया गया। यह संपूर्ण आयोजन श्री गोटीवाला ओसवाल जैन संघ पुणे एवं नाकोडा भैरव जैन भवन पुणे के संयुक्त तत्वावधान में किया गया।




