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पुणे में 17 से 19 जून तक होगा ‘इग्नाइट-2026’ अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन

दुनिया भर के शोधकर्ता, शिक्षाविद और उद्योग विशेषज्ञ होंगे शामिल; 1548 शोध पत्रों में से 354 का चयन

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पुणे: इंजीनियरिंग, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, साइबर सुरक्षा, नवाचार और सतत विकास जैसे विषयों पर वैश्विक स्तर पर मंथन करने के उद्देश्य से केजे एजुकेशनल इंस्टीट्यूट्स (केजेईआई) के अंतर्गत संचालित केजे कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड मैनेजमेंट रिसर्च (केजेसीओईएमआर) द्वारा आईईईई पुणे सेक्शन के तकनीकी सहयोग से ‘इनोवेशन एंड ग्रोथ इन नेक्स्ट-जन इंटेलिजेंट टेक्नोलॉजी एंड इंजीनियरिंग (इग्नाइट-2026)’ अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन 17 से 19 जून 2026 तक किया जा रहा है। यह तीन दिवसीय सम्मेलन पुणे के होटल हयात में आयोजित होगा, जिसमें देश-विदेश के शोधकर्ता, शिक्षाविद, उद्योग विशेषज्ञ, नवप्रवर्तक और विद्यार्थी भाग लेंगे।

इस संबंध में सोमवार को आयोजित पत्रकार परिषद में केजेईआई के संस्थापक अध्यक्ष कल्याण जाधव ने जानकारी दी। इस अवसर पर संस्थान के तकनीकी निदेशक डॉ. अजय एम. फुलंबरकर, छात्र विकास एवं कल्याण अधिष्ठाता डॉ. हेमंत देशमुख, प्राचार्य डॉ. सुहास एस. खोत, सम्मेलन अध्यक्ष डॉ. निकिता जे. कुलकर्णी तथा आईईईई प्रतिनिधि प्रो. रहिमराजा शेख उपस्थित थे।

कल्याण जाधव ने बताया कि सम्मेलन का उद्घाटन 17 जून को सुबह 9.30 बजे होटल हयात, पुणे में होगा। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. पी.के. सिन्हा, पूर्व कुलपति एवं निदेशक, नया आईआईआईटी रायपुर होंगे। सम्मानित अतिथियों में सावित्रीबाई फुले पुणे विश्वविद्यालय के प्र-कुलपति डॉ. पराग काळकर, साइबर सिक्योरिटी कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष डॉ. हैरॉल्ड डी’कोस्टा तथा आईईईई पुणे सेक्शन के अध्यक्ष डॉ. अमर बुचडे शामिल होंगे। इसके अलावा इंडियन सोसायटी फॉर टेक्निकल एजुकेशन (आईएसटीई), नई दिल्ली के अध्यक्ष डॉ. प्रतापसिंह देसाई सहित विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपति, शैक्षणिक संस्थानों के प्रमुख, उद्योग जगत के प्रतिनिधि और देशभर के शिक्षाविद सम्मेलन में भाग लेंगे।

प्राचार्य डॉ. सुहास खोत ने बताया कि सम्मेलन को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उल्लेखनीय प्रतिसाद मिला है। शोधकर्ताओं, प्राध्यापकों, उद्योग विशेषज्ञों और विद्यार्थियों की ओर से कुल 1548 शोध पत्र प्राप्त हुए थे। इन शोध पत्रों का 384 विशेषज्ञ समीक्षकों द्वारा परीक्षण किया गया। कठोर मूल्यांकन प्रक्रिया के बाद 354 शोध पत्रों को प्रस्तुतीकरण और प्रकाशन के लिए चुना गया, जिससे सम्मेलन की स्वीकृति दर लगभग 20 प्रतिशत रही। यह सम्मेलन की गुणवत्ता और शोध उत्कृष्टता के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

उन्होंने बताया कि सम्मेलन हाइब्रिड मोड में आयोजित होगा। इसमें 78 शोध पत्र प्रत्यक्ष (ऑफलाइन) और 276 शोध पत्र ऑनलाइन प्रस्तुत किए जाएंगे। इस व्यवस्था के कारण दुनिया के विभिन्न देशों के शोधकर्ताओं को सम्मेलन में भाग लेने का अवसर मिलेगा। विशेष रूप से अमेरिका के स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय सहित कई प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के शोधकर्ता भी सम्मेलन में अपने शोध प्रस्तुत करेंगे।

सम्मेलन के तकनीकी कार्यक्रम के अंतर्गत सात प्रमुख विषयों पर विशेष सत्र आयोजित किए जाएंगे। इनमें सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग एवं साइबर सुरक्षा, सिग्नल प्रोसेसिंग एवं वीएलएसआई डिजाइन, पावर सिस्टम एवं अक्षय ऊर्जा, सिविल एवं पर्यावरण इंजीनियरिंग, मैन्युफैक्चरिंग एवं ऑटोमोटिव इंजीनियरिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एवं मशीन लर्निंग तथा एप्लाइड साइंसेज एवं इंटरडिसिप्लिनरी रिसर्च शामिल हैं। आयोजकों के अनुसार इन सत्रों के माध्यम से विभिन्न विषयों के विशेषज्ञों के बीच संवाद और सहयोग को बढ़ावा मिलेगा तथा तकनीक आधारित नवाचारों पर सार्थक चर्चा होगी।

सम्मेलन में दो प्रमुख विशेष व्याख्यान भी आयोजित किए जाएंगे। विश्वकर्मा इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (वीआईटी), पुणे के कृत्रिम बुद्धिमत्ता एवं डेटा साइंस विभाग के अधिष्ठाता प्रो. डॉ. परीक्षित महाले तथा कॉग्निजेंट के प्रिंसिपल आर्किटेक्ट (एसोसिएट डायरेक्टर) पवन देशपांडे प्रतिभागियों को संबोधित करेंगे। उनके व्याख्यानों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डेटा साइंस, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन और भविष्य की तकनीकी संभावनाओं पर विशेष चर्चा होगी।

डॉ. अजय फुलंबरकर ने कहा कि सम्मेलन का आयोजन उनके मार्गदर्शन में तथा डॉ. सुहास खोत (संयोजक एवं संरक्षक) और डॉ. निकिता कुलकर्णी (सम्मेलन अध्यक्ष एवं तकनीकी कार्यक्रम अध्यक्ष) के नेतृत्व में किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इग्नाइट-2026 शिक्षा, उद्योग और शोध संस्थानों के बीच सहयोग को मजबूत करने के साथ-साथ नवाचार, उद्यमिता और तकनीक आधारित समाधानों को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। साथ ही यह सम्मेलन सामाजिक-आर्थिक विकास और सतत प्रगति के लिए नई संभावनाओं के द्वार भी खोलेगा।

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