ताजा खबरब्रेकिंग न्यूज़शहर

बहुचर्चित नसरापुर मासूम बच्ची दुष्कर्म और हत्या मामला:

भीमराव कांबले दोषी करार, 29 जून को होगी सजा

Spread the love

पुणे। महाराष्ट्र के पुणे जिले के भोर तालुका स्थित नसरापूर में साढ़े तीन वर्षीय मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म और हत्या के मामले में आरोपी भीमराव कांबले को अदालत ने दोषी करार दिया है। इस बहुचर्चित मामले में सजा का ऐलान 29 जून 2026 को किया जाएगा। सरकारी पक्ष ने आरोपी के लिए मृत्युदंड की मांग करते हुए कहा कि उसे अपने कृत्य पर कोई पछतावा नहीं है और वह दया का पात्र नहीं है।

न्यायाधीश के सवाल से कोर्ट में छा गई खामोशी

सजा पर सुनवाई के दौरान न्यायाधीश ने आरोपी से कहा,
“जिस अपराध का पहला गवाह तुम स्वयं हो, उस अपराध के लिए क्या सजा दी जानी चाहिए, यह तुम ही बताओ।”
न्यायाधीश के इस सवाल के बाद अदालत में कुछ क्षणों के लिए सन्नाटा छा गया। अदालत ने आरोपी को उसके खिलाफ सिद्ध हुए अपराधों और संबंधित कानूनी प्रावधानों की जानकारी देने के बाद आत्ममंथन करने के उद्देश्य से यह सवाल पूछा।
अदालत की महत्वपूर्ण टिप्पणी
अदालत ने कहा कि यह घटना समाज के लिए बेहद गंभीर और खतरनाक है। परिस्थितिजन्य साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर मासूम बच्ची के साथ हुए अत्याचार और हत्या के आरोप सिद्ध हुए हैं।

अदालत ने यह भी उल्लेख किया कि आरोपी के सात बच्चे और पत्नी होने के बावजूद उसे बचाने के लिए कोई आगे नहीं आया, जिससे प्रतीत होता है कि समाज ने भी उसके अस्तित्व को नकार दिया है।

न्यायालय ने बताया कि आरोपी दो ऐसे अपराधों में दोषी पाया गया है, जिनमें फांसी की सजा का प्रावधान है। इससे पहले अदालत ने अपनी टिप्पणियों में मृत्युदंड की संभावना के संकेत भी दिए थे।

आरोपी का बचाव खारिज
सुनवाई के दौरान भीमराव कांबले ने दावा किया कि वह बच्ची को खाने के लिए गाठीशेव दिलाने ले जा रहा था, तभी उसका पैर फिसल गया और बच्ची के सिर में चोट लग गई, जिससे वह रोने लगी।

इस पर अदालत ने स्पष्ट कहा कि आरोपी द्वारा सुनाई जा रही कहानी अब अप्रासंगिक है, क्योंकि उसके खिलाफ लगाए गए आरोप साक्ष्यों के आधार पर सिद्ध हो चुके हैं। अदालत की इस टिप्पणी के बाद आरोपी निरुत्तर हो गया।

किन धाराओं में हो सकती है सजा?
अदालत ने स्पष्ट किया कि आरोपी जिन अपराधों में दोषी पाया गया है, उनमें:
एक अपराध में फांसी की सजा का प्रावधान है।
दूसरे अपराध में आजीवन कारावास या मृत्युदंड की व्यवस्था है।
तीसरे अपराध में आजीवन कारावास की सजा का प्रावधान है।
अंतिम सजा का निर्णय 29 जून को सुनाया जाएगा।

क्या है पूरा मामला?
भोर तालुका के नसरापूर में 1 मई 2026 को साढ़े तीन वर्षीय बच्ची के साथ दुष्कर्म और हत्या की घटना सामने आई थी, जिसने पूरे महाराष्ट्र को झकझोर दिया था। घटना के बाद पुणे ग्रामीण पुलिस ने तेजी से जांच पूरी करते हुए करीब 1,200 पन्नों का आरोपपत्र अदालत में दाखिल किया।
तेजी से चली न्यायिक प्रक्रिया, गवाहों के बयान और साक्ष्यों के परीक्षण के बाद अदालत ने आज गुरुवार 25 जून को आरोपी को दोषी करार दिया। बताया जा रहा है कि घटना से लेकर दोष सिद्ध होने तक की पूरी प्रक्रिया मात्र 55 दिनों में पूरी हुई, जो देश के सबसे तेज न्यायिक निष्पत्तियों में से एक मानी जा रही है।
अब पूरे राज्य की निगाहें 29 जून को होने वाली सजा की घोषणा पर टिकी हैं।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!