छत्रपति शाहू महाराज के विचारों को कर्म के माध्यम से आगे बढ़ाना ही सच्ची श्रद्धांजलि : डॉ. श्रीपाल सबनीस
फुले-शाहू-आंबेडकर विचार मंच की ओर से श्रीनाथ भिमाले और प्राची दुधाणे को छत्रपति शाहूजी महाराज पुरस्कार से सम्मानित

पुणे: फुले-शाहू-आंबेडकर विचारमंच की ओर से आयोजित समारोह में छत्रपति शाहूजी महाराज पुरस्कार से पुणे महानगरपालिका की स्थायी समिति के अध्यक्ष श्रीनाथ भिमाले एवं सामाजिक कार्यकर्ता प्राची दुधाणे को सम्मानित किया गया। महाराष्ट्र साहित्य परिषद के सभागार में आयोजित कार्यक्रम में वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. श्रीपाल सबनीस के हाथों पुरस्कार प्रदान किए गए।कार्यक्रम की अध्यक्षता रमाई महोत्सव के अध्यक्ष एडवोकेट प्रमोद आडकर ने की। इस अवसर पर पुणे महानगरपालिका के उपमहापौर परशुराम वाडेकर, रमाई महोत्सव के कार्याध्यक्ष सचिन ईटकर, मुख्य समन्वयक विठ्ठल गायकवाड, कांग्रेस नेता अरविंद शिंदे, पूर्व विधायक दीप्ती चौधरी, डॉ. सतीश देसाई, लता राजगुरु, शैलजा मोळक, ज्ञानेश्वर मोळक सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
अपने संबोधन में डॉ. श्रीपाल सबनीस ने कहा कि छत्रपति शाहू महाराज ने अपने समय से आगे बढ़कर सामाजिक समानता, शिक्षा और बहुजन उत्थान का जो वैचारिक आंदोलन खड़ा किया, उसे केवल स्मरण करने के बजाय व्यवहार और कर्म के माध्यम से आगे बढ़ाना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। उन्होंने कहा कि सम्मानित दोनों व्यक्तित्व शाहू महाराज के विचारों और सामाजिक सुधारों की परंपरा को समाज में आगे बढ़ाने का कार्य कर रहे हैं।
डॉ. सबनीस ने कहा कि आज महापुरुषों को जाति और संकीर्ण सोच की सीमाओं में बांधने का प्रयास किया जाता है, जबकि महापुरुष किसी एक समाज या वर्ग के नहीं, बल्कि संपूर्ण मानवता के होते हैं। उनके विचार सार्वभौमिक हैं और सभी के लिए प्रेरणास्रोत हैं।



