देश का पहला निजी ऑर्बिटल रॉकेट ‘विक्रम-1’ लॉन्च के लिए तैयार

मुंबई, 2 जुलाई : स्काईरूट एयरोस्पेस ने घोषणा की है कि उसके ऑर्बिटल लॉन्च वाहन ‘विक्रम-1’ की पहली परीक्षण उड़ान के लिए लॉन्च विंडो खोल दी गई है। यह भारत का पहला निजी तौर पर विकसित ऑर्बिट श्रेणी का रॉकेट है। इसकी टेस्ट फ्लाइट-1 का लक्ष्य 12 जुलाई के बाद रखा गया है, जबकि लॉन्च विंडो 4 अगस्त तक खुली रहेगी।
कंपनी के अनुसार, विक्रम-1 के सभी चरणों का सफल एकीकरण कर उसे श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र के लॉन्च पैड पर स्थापित कर दिया गया है। यह मिशन प्रणोदन, स्टेज पृथक्करण, मार्गदर्शन, नेविगेशन और वाहन के समग्र प्रदर्शन से जुड़े महत्वपूर्ण आंकड़े जुटाएगा।
स्काईरूट के सह-संस्थापक एवं सीईओ पवन कुमार चंदाना ने कहा कि इस उड़ान का मुख्य उद्देश्य रॉकेट के वास्तविक प्रदर्शन का डेटा हासिल करना है, जिससे भविष्य के रॉकेट विकास और डिजाइनों के सत्यापन में मदद मिलेगी। वहीं सह-संस्थापक एवं सीओओ नागा भरत डाका ने इसे भारत के निजी अंतरिक्ष क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक कदम बताया।
करीब सात मंजिला ऊंचाई वाले विक्रम-1 को कार्बन-कंपोजिट संरचना, 3डी-प्रिंटेड इंजन और ठोस ईंधन बूस्टर के साथ विकसित किया गया है। यह रॉकेट 350 किलोग्राम तक के छोटे उपग्रहों को निम्न पृथ्वी कक्षा में स्थापित करने में सक्षम है।
विशेषज्ञों के अनुसार, भारत की अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था 8.4 अरब डॉलर से बढ़कर 2033 तक 44 अरब डॉलर तक पहुंच सकती है, जिसमें स्वदेशी लॉन्च क्षमता की बड़ी भूमिका होगी।



