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खड़की छावनी में भूमिगत बिजली लाइन के बाद खुले गड्ढों पर फूटा लोगों का गुस्सा

20 जुलाई से आंदोलन की चेतावनी

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पुणे। खड़की छावनी क्षेत्र में भूमिगत बिजली लाइन बिछाने के बाद सड़क पर छोड़े गए खुले गड्ढों को लेकर रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (ए) ने प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। पार्टी के खड़की विभाग के युवा अध्यक्ष रिकेश (अण्णा) पिल्ले ने खड़की छावनी परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं प्रशासक को ज्ञापन सौंपकर तत्काल गड्ढे भरने, सड़क को पूर्ववत करने और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।

ज्ञापन में कहा गया है कि भूमिगत बिजली लाइन का कार्य लगभग 15 से 20 दिन पहले पूरा हो चुका है, लेकिन अब तक सड़क की मरम्मत नहीं की गई है। इससे स्थानीय नागरिकों, स्कूली बच्चों, स्कूल बसों, दोपहिया और चारपहिया वाहन चालकों, वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं, पैदल यात्रियों और एंबुलेंस की आवाजाही प्रभावित हो रही है। बारिश के कारण गड्ढों में पानी भर जाने से उनकी गहराई दिखाई नहीं देती, जिससे गंभीर दुर्घटना की आशंका बनी हुई है।

रिकेश पिल्ले ने बताया कि यह मार्ग हिंदू श्मशान घाट और मुस्लिम कब्रिस्तान तक जाने वाला प्रमुख रास्ता है, जहां अंतिम यात्रा और अन्य आवश्यक कार्यों के लिए प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोगों का आवागमन रहता है। इसके बावजूद संबंधित स्थान पर कोई चेतावनी बोर्ड, सुरक्षा बैरिकेड या रात्रि के समय खतरे का संकेत देने की व्यवस्था नहीं की गई है।

उन्होंने कहा कि सार्वजनिक कार्यों के बाद सड़क को सुरक्षित स्थिति में बहाल करना प्रशासन की जिम्मेदारी है। यदि किसी दुर्घटना में जनहानि होती है, तो उसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित प्रशासन और कार्य करने वाली एजेंसी की होगी।

आरपीआई (ए) के युवा अध्यक्ष रिकेश (अण्णा) पिल्ले ने कहा कि उनका उद्देश्य केवल जनहित और नागरिकों की सुरक्षा है। उन्होंने प्रशासन से अपील की कि आंदोलन की नौबत आने से पहले ही तत्काल सभी गड्ढे भरकर सड़क को पहले जैसी स्थिति में बहाल किया जाए।

उन्होंने चेतावनी दी कि यदि अगले दो से तीन दिनों के भीतर यह कार्य पूरा नहीं किया गया, तो 20 जुलाई 2026 को वे स्वयं खतरनाक स्थान पर बैठकर नागरिकों को सुरक्षित मार्ग दिखाने के लिए शांतिपूर्ण आंदोलन करेंगे। आंदोलन के दौरान उत्पन्न होने वाली किसी भी स्थिति की जिम्मेदारी संबंधित प्रशासन और कार्यकारी एजेंसी की होगी।

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