
पुणे | केंद्रीय बजट 2026–27 आत्मनिर्भर भारत की संकल्पना को सशक्त करने वाला, उद्योग, रोजगार और सामाजिक विकास के बीच संतुलन साधने वाला एक दूरदर्शी बजट है। सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), बायोफार्मा, दवा निर्माण, वस्त्र उद्योग और डेटा सेंटर्स के लिए की गई बड़ी वित्तीय घोषणाएं भारत को वैश्विक उत्पादन और प्रौद्योगिकी केंद्र बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होंगी, ऐसा मत युवा उद्योजक पुनीत बालन ने व्यक्त किया।
ग्रामीण युवाओं, महिलाओं, लघु उद्योगों, मत्स्य व्यवसाय तथा कृषि-आधारित उद्योगों के लिए शुरू की गई योजनाओं से समावेशी विकास को गति मिलेगी। वहीं ‘खेलो इंडिया’ जैसे मिशन के माध्यम से देश में खेल संस्कृति को बढ़ावा मिलेगा।
महाराष्ट्र के लिए यह बजट विशेष रूप से लाभकारी सिद्ध होगा। बुनियादी ढांचे, औद्योगिक निवेश और सेवा क्षेत्र को इससे मजबूती मिलेगी। पुणे–मुंबई हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर और पुणे–हैदराबाद रेल कॉरिडोर के कारण राज्य के औद्योगिक, आईटी और शैक्षणिक क्षेत्रों को नई ऊर्जा प्राप्त होगी।
पुणे शहर में स्टार्टअप्स, ऑटोमोबाइल, आईटी और अनुसंधान क्षेत्र को एआई हब, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग और औद्योगिक कॉरिडोर जैसी योजनाओं का प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। कुल मिलाकर यह बजट भारत और महाराष्ट्र के विकास को नई दिशा देने वाला तथा पुणे को एक वैश्विक शहर के रूप में स्थापित करने की क्षमता रखने वाला है।
— पुनीत बालन, युवा उद्योजक



