महाराष्ट्र के तीर्थस्थलों और ऐतिहासिक धरोहरों के विकास को मिली गति
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने दिए गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध कार्यों के निर्देश

मुंबई : राज्य में ऐतिहासिक और धार्मिक स्थलों को संरक्षित और बढ़ावा देना सरकार की प्राथमिकता है, और तीर्थ विकास योजना को प्रभावी ढंग से लागू किया जाना चाहिए। महाराष्ट्र सरकार ने राज्य के प्रमुख तीर्थस्थलों, किलों और ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण एवं विकास के लिए बड़ा निर्णय लेते हुए लगभग 993.72 करोड़ रुपये के विकास कार्यों को मंजूरी दी है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भक्तों और पर्यटकों के लिए अत्याधुनिक सुविधाएं और स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने का भी निर्देश दिया। शिखर बैठक में छह तीर्थ स्थलों के विकास के लिए कुल 993.72 करोड़ रुपये की विकास योजनाओं और निधियों को मंजूरी दी गई। तीर्थ विकास योजना शिखर समिति की बैठक मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में सह्याद्री अतिथि गृह में हुई। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा अजीत पवार, वन मंत्री गणेश नाइक, ग्रामीण विकास मंत्री जयकुमार गोरे, लोक निर्माण मंत्री शिवेंद्रसिंह राजे भोसले, विधायक दिलीप वलसे पाटिल, विधायक धनंजय मुंडे, मुख्य सचिव राजेश अग्रवाल और सभी संबंधित अतिरिक्त मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, सचिव और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
भीमाशंकर विकास के लिए 172 करोड़
मुख्यमंत्री ने Bhimashankar Temple ज्योतिर्लिंग क्षेत्र के सर्वांगीण विकास पर जोर देते हुए लगभग 172.22 करोड़ रुपये के विकास आराखड़े को मंजूरी दी। इसके तहत आधुनिक बस स्टैंड, पार्किंग, सड़क चौड़ीकरण, पैदल मार्ग, कवर्ड कॉरिडोर, एम्फीथिएटर, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट और रोपवे जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। परियोजना को मई 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
देहू में संत तुकाराम महाराज जन्मस्थल का संवर्धन
Dehu स्थित संत तुकाराम महाराज जन्मस्थल, वैकुंठगमन मंदिर और भंडारा डोंगर क्षेत्र के संरक्षण एवं विकास के लिए 41.71 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। यहां सड़क सौंदर्यीकरण, स्वच्छता, पेयजल, पार्किंग, निवास सुविधा और सूचना केंद्र विकसित किए जाएंगे।
अजिंक्यतारा किले के संरक्षण के लिए 134.80 करोड़
Ajinkyatara Fort के संरक्षण और सौंदर्यीकरण के लिए 134.80 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। योजना में पादचारी मार्ग, लैंडस्केपिंग, बुरुजों का संवर्धन, दर्शक गैलरी और आधुनिक लटकते पुल का निर्माण शामिल है।
संगम माहुली समाधि स्थल का होगा विकास
सातारा स्थित Sangam Mahuli समाधि स्थल के विकास के लिए 133 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है। यहां महारानी ताराबाई, महारानी येसूबाई और छत्रपति शाहू महाराज की समाधियों का जीर्णोद्धार किया जाएगा। साथ ही संगमेश्वर मंदिर, घाट, झूलता पुल और व्यूइंग गैलरी का निर्माण भी किया जाएगा।
घृष्णेश्वर ज्योतिर्लिंग के लिए 210 करोड़
Grishneshwar Jyotirlinga Temple मंदिर के विकास के लिए 210.45 करोड़ रुपये का संशोधित आराखड़ा मंजूर किया गया है। इसमें भक्त निवास, दर्शन कतार व्यवस्था, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, फंक्शन हॉल और बायपास रोड जैसी सुविधाएं शामिल हैं।
परळी वैजनाथ मंदिर परिसर का भव्य विकास
Parli Vaijnath Temple परिसर विकास के लिए 301.54 करोड़ रुपये के अतिरिक्त आराखड़े को मंजूरी दी गई है। तीन चरणों में होने वाले इस विकास कार्य में भव्य प्रवेशद्वार, डिजिटल कतार व्यवस्था, योग एवं ध्यान केंद्र, फूड कोर्ट, सीसीटीवी सुरक्षा, शिवपुराण संग्रहालय, लेजर शो और विशाल शिवमूर्ति जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि राज्य की धार्मिक और ऐतिहासिक विरासत का संरक्षण सरकार की प्राथमिकता है और सभी विकास कार्यों में आधुनिक सुविधाओं के साथ सांस्कृतिक पहचान को भी संरक्षित रखा जाएगा।



