नासिक के बुनियादी ढांचे के विकास के लिए MNGL की प्रतिबद्धता दोहराई
पाइपलाइन बिछाने और सड़क पुनर्स्थापना को लेकर कंपनी ने दी स्थिति स्पष्ट
नासिक: नासिक महानगरपालिका (NMC) क्षेत्र में भूमिगत PNG पाइपलाइन बिछाने और सड़कों की स्थिति को लेकर हाल में सामने आई चर्चाओं एवं मीडिया रिपोर्टों पर महाराष्ट्र नॅचरल गैस लिमिटेड (MNGL) ने स्पष्टीकरण जारी किया है। कंपनी ने कहा कि शहर में प्राकृतिक गैस के बुनियादी ढांचे के विस्तार के साथ नागरिकों को होने वाली असुविधा को न्यूनतम रखने के लिए निर्धारित प्रक्रियाओं और सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा है।
740 किमी पाइपलाइन की अनुमति, 640 किमी काम पूरा
MNGL के अनुसार, नासिक महानगरपालिका क्षेत्र में करीब 740 किलोमीटर पाइपलाइन बिछाने की अनुमति प्राप्त है, जिसमें से अब तक लगभग 640 किलोमीटर पाइपलाइन का काम पूरा किया जा चुका है। कंपनी ने स्पष्ट किया कि पाइपलाइन बिछाने का कार्य संबंधित प्राधिकरणों से प्राप्त अनुमति और मंजूरी के तहत किया जा रहा है।
कंपनी ने उन रिपोर्टों पर भी स्पष्टीकरण दिया है, जिनमें MNGL द्वारा करीब 1,500 किलोमीटर सड़क खोदने का उल्लेख किया गया था। MNGL के मुताबिक, अधिकृत पाइपलाइन नेटवर्क की लंबाई लगभग 740 किलोमीटर है।
सड़क खोदने से बचने के लिए ट्रेंचलेस तकनीक का इस्तेमाल
MNGL का कहना है कि पाइपलाइन बिछाते समय सड़क पर होने वाले व्यवधान को कम करने का प्रयास किया जाता है। तकनीकी रूप से संभव होने पर पाइपलाइन सड़क के किनारे अथवा कच्चे हिस्से से बिछाई जाती है। जहां सड़क खोदना जरूरी होता है, वहां प्रभावित हिस्से को न्यूनतम रखने के लिए सटीक कटिंग की जाती है।
अधिक यातायात वाले और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में खुदाई और यातायात पर प्रभाव कम करने के लिए Horizontal Directional Drilling (HDD) जैसी ट्रेंचलेस तकनीक का भी इस्तेमाल किया जाता है।
कंपनी के अनुसार, घरों तक PNG कनेक्शन देने के लिए सोसायटी परिसर तक पहुंचने के बाद सेकेंडरी और टर्शियरी नेटवर्क का इस्तेमाल किया जाता है। इससे प्रत्येक घर के लिए मुख्य सड़क को बार-बार खोदने की जरूरत नहीं पड़ती।
पाइपलाइन बिछाने के बाद तत्काल प्राथमिक बहाली
MNGL के मुताबिक, पाइपलाइन बिछाने के बाद खोदे गए हिस्से को तत्काल मिट्टी से भरकर प्राथमिक कॉम्पैक्शन किया जाता है, ताकि सड़क और आसपास का क्षेत्र स्थिर रहे तथा वाहन चालकों और नागरिकों को कम से कम परेशानी हो।
कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया कि प्राथमिक बहाली और सड़क की स्थायी पुनर्स्थापना अलग-अलग प्रक्रियाएं हैं।
NMC के साथ मौजूदा व्यवस्था के अनुसार, महानगरपालिका द्वारा जारी डिमांड नोट के आधार पर MNGL सड़क पुनर्स्थापना एवं संबंधित यूटिलिटी शुल्क जमा करती है। सड़क की स्थायी पुनर्स्थापना, जिसमें डामर/बिटुमेन का कार्य शामिल है, संबंधित महानगरपालिका प्रक्रिया के तहत की जाती है।
NMC को करीब ₹392 करोड़ जमा
MNGL के अनुसार, NMC के इंजीनियरिंग विभाग द्वारा जारी डिमांड नोट के आधार पर सड़क पुनर्स्थापना और लागू यूटिलिटी शुल्क के रूप में कंपनी ने नासिक महानगरपालिका को लगभग ₹392 करोड़ जमा किए हैं।
कंपनी ने बताया कि संबंधित शुल्क NMC द्वारा निर्धारित दरों के अनुसार लिया जाता है और संबंधित श्रेणी के आधार पर यह लगभग ₹5,000 से ₹8,000 प्रति मीटर तक हो सकता है।
सड़क बहाली में देरी को लेकर MNGL का स्पष्टीकरण
MNGL ने कहा कि पाइपलाइन का काम करने वाली कंपनी से ही सड़क की स्थायी बहाली की उम्मीद करना नागरिकों के लिए स्वाभाविक है। हालांकि मौजूदा व्यवस्था के अनुसार MNGL निर्धारित पुनर्स्थापना शुल्क NMC को जमा करती है, जबकि सड़क की स्थायी बहाली संबंधित महानगरपालिका विभाग द्वारा की जाती है।
कंपनी के अनुसार, कुछ क्षेत्रों में सड़क की स्थायी पुनर्स्थापना में होने वाली देरी को पूरी महानगरपालिका सड़क पुनर्स्थापना प्रक्रिया के संदर्भ में देखा जाना चाहिए। इसमें बिटुमेन/डामर की उपलब्धता और आपूर्ति से जुड़ी समस्याएं भी शामिल हैं।
2 लाख से अधिक घरों तक PNG नेटवर्क
MNGL ने नासिक में प्राकृतिक गैस नेटवर्क के विस्तार की जानकारी देते हुए बताया कि कंपनी ने 2 लाख से अधिक घरों तक PNG का बुनियादी ढांचा विकसित किया है। इनमें से 45,000 से अधिक घर वर्तमान में PNG का इस्तेमाल कर रहे हैं।
इसके अलावा 130 से अधिक औद्योगिक एवं व्यावसायिक ग्राहक प्राकृतिक गैस/PNG का लाभ उठा रहे हैं। वहीं, नासिक में 100 से अधिक CNG स्टेशन संचालित हैं, जो 50,000 से अधिक CNG वाहनों को सेवा प्रदान कर रहे हैं।
विल्होली में LNG-LCNG सुविधा
MNGL ने मुख्य गैस पाइपलाइन से कनेक्टिविटी उपलब्ध होने से पहले ही नासिक के विल्होली में LNG-LCNG सुविधा स्थापित की थी। यह सुविधा फरवरी 2022 में शुरू हुई। कंपनी के अनुसार, इसके माध्यम से परिवहन क्षेत्र को LNG/CNG तथा औद्योगिक, व्यावसायिक और घरेलू ग्राहकों को LNG/PNG उपलब्ध कराने में मदद मिली।
अब मुख्य प्राकृतिक गैस ट्रंक पाइपलाइन समृद्धि महामार्ग कॉरिडोर के जरिए नासिक तक पहुंच चुकी है, जिससे शहर में प्राकृतिक गैस की दीर्घकालीन और विश्वसनीय आपूर्ति व्यवस्था को मजबूती मिली है।
नागरिकों की सुविधा और समन्वय पर जोर
MNGL ने कहा कि नासिक में PNG पाइपलाइन और गैस नेटवर्क के विस्तार का काम NMC तथा अन्य संबंधित प्राधिकरणों द्वारा निर्धारित अनुमति, सुरक्षा मानकों और प्रक्रियाओं के अनुसार जारी रहेगा।
कंपनी ने नागरिकों को होने वाली असुविधा को न्यूनतम रखने और पाइपलाइन कार्य एवं सड़क पुनर्स्थापना से जुड़े मामलों में NMC तथा अन्य संबंधित विभागों के साथ समन्वय बनाए रखने की प्रतिबद्धता दोहराई।



