ताजा खबरब्रेकिंग न्यूज़शहर

एमआईटी एडीटी विश्वविद्यालय में उत्साह से मनाया स्वतंत्रता दिवस

ज्ञान हासिल करें, सफलता खुद आपके पीछे आएगी : ए. अजय कुमार

Spread the love

लोणी-कालभोर (पुणे)। ‘भारत माता की जय’ और ‘वंदे मातरम्’ के जयघोष, पारंपरिक वेशभूषा में सजे नन्हे बच्चों, मैनेट कैडेट्स की शानदार कवायद और हजारों विद्यार्थियों में देशभक्ति के उत्साह के बीच एमआईटी आर्ट, डिजाइन एंड टेक्नोलॉजी विश्वविद्यालय में भारत का 80वां स्वतंत्रता दिवस उत्साहपूर्वक मनाया गया।समारोह में भारतीय विदेश मंत्रालय के संयुक्त सचिव (राज्य) ए. अजय कुमार तथा मेजर जनरल डॉ. ताजुद्दीन म्हैसले, वीएसएम (सेवानिवृत्त) मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। इस अवसर पर एमआईटी एडीटी विश्वविद्यालय के कार्याध्यक्ष एवं प्रो-कुलपति प्रो. डॉ. मंगेश कराड, कार्यकारी निदेशक प्रो. डॉ. सुनीता कराड, कुलपति प्रो. डॉ. राजेश एस., प्रोवोस्ट प्रो. डॉ. सायली गणकर, प्र-कुलगुरु डॉ. रामचंद्र पुजेरी,डाॅ.मोहित दुबे, डाॅ.नचिकेत ठाकूर, कुलसचिव डाॅ.महेश चोपडे, कॅप्टन प्रेरित मिश्रा सहित अन्य गणमान्य उपस्थित रहे।

ए. अजय कुमार ने कहा कि ज्ञान ही मनुष्य की सबसे बड़ी संपत्ति है। ज्ञान के बल पर ही अंग्रेजों ने भारत पर शासन किया और आज भी पश्चिमी देश ज्ञान एवं तकनीक के आधार पर वैश्विक अर्थव्यवस्था में प्रभाव बनाए हुए हैं। विद्यार्थियों को सफलता के पीछे भागने के बजाय ज्ञान अर्जित करने पर ध्यान देना चाहिए। अर्जित ज्ञान का उपयोग देश के विकास के लिए किया जाए तो सफलता स्वतः पीछे आएगी।

मेजर जनरल डॉ. म्हैसले ने कहा कि भारत ने पिछले 79 वर्षों में सभी क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति की है। विकसित भारत के निर्माण में विद्यार्थियों की नवाचार क्षमता महत्वपूर्ण होगी। विद्यार्थियों को अपना ध्यान भटकाने वाली चीजों से दूर रहकर यह सोचना चाहिए कि वे देश के विकास में किस प्रकार योगदान दे सकते हैं। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस भविष्य की समस्या नहीं, बल्कि एक अवसर है। विद्यार्थियों को इसका उपयोग नवाचार को बढ़ावा देने के लिए करना चाहिए।

डॉ. मंगेश कराड ने कहा कि भारत की स्वतंत्रता अनेक स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान का परिणाम है। इसलिए स्वतंत्रता दिवस पर स्वतंत्रता सेनानियों के साथ देश की प्रगति में योगदान देने वाले किसानों और श्रमिकों को भी याद करना चाहिए। स्वतंत्रता दिवस केवल उत्सव का दिन नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण के संकल्प का अवसर है। युवाओं को नई तकनीक, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और नवाचार को आत्मसात कर भारत के विकास को गति देनी चाहिए। ज्ञान, कौशल और राष्ट्रनिष्ठा के बल पर युवाओं को आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में योगदान देकर भारत को विश्व की अग्रणी महाशक्ति बनाने के सपने को साकार करना चाहिए।

समारोह की शुरुआत ध्वजारोहण से हुई। इसके बाद मैनेट कैडेट्स की बैंड के साथ अनुशासित परेड, एमआईटी एनसीसी कैडेट्स द्वारा राष्ट्रध्वज को दी गई सलामी, एमआईटी विश्वशांति गुरुकुल के विद्यार्थियों का नृत्य तथा एमआईटी संगीत अकादमी के विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत देशभक्ति गीतों ने उपस्थित लोगों का मन मोह लिया। कार्यक्रम का संचालन विद्यार्थी नंदिनी गुप्ता ने किया, जबकि आभार विद्यार्थी कल्याण विभाग के निदेशक डॉ. सुराज भोयार ने व्यक्त किया।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!