पिंपरी-चिंचवड़ के छत्रपति संभाजीनगर और शाहूनगर के ‘जी ब्लॉक’ की पुरानी इमारतों के पुनर्विकास का रास्ता साफ
विधायक अमित गोरखे के 2024 से लगातार प्रयासों को सफलता; उद्योग मंत्री उदय सामंत और एमआईडीसी संचालक मंडल की नीतिगत मंजूरी

पिंपरी-चिंचवड़, 3 सितंबर 2026 : पिंपरी-चिंचवड़ महानगरपालिका क्षेत्र के छत्रपति संभाजीनगर और शाहूनगर स्थित ‘जी ब्लॉक’ की पुरानी एवं जर्जर इमारतों के पुनर्विकास का रास्ता अब साफ हो गया है। औद्योगिक कर्मचारियों के लिए विकसित किए गए इस आवासीय क्षेत्र की पुरानी इमारतों के पुनर्विकास के लिए महाराष्ट्र औद्योगिक विकास महामंडल (एमआईडीसी) के संचालक मंडल ने नीतिगत मंजूरी प्रदान की है। इस निर्णय को विधायक अमित गोरखे के वर्ष 2024 से जारी लगातार प्रयासों की बड़ी सफलता माना जा रहा है।
विधायक अमित गोरखे ने 19 दिसंबर 2024 को नागपुर में आयोजित विधान परिषद के शीतकालीन अधिवेशन के दौरान इस महत्वपूर्ण मुद्दे को उठाया था। उन्होंने छत्रपति संभाजीनगर और शाहूनगर क्षेत्र में एमआईडीसी के आवासीय भूखंडों पर बनी पुरानी इमारतों की जर्जर स्थिति, नागरिकों को हो रही परेशानियों तथा उनकी सुरक्षा का मुद्दा उठाते हुए पुनर्विकास के लिए ठोस नीति बनाने की मांग की थी।
इसी मांग के मद्देनजर एमआईडीसी संचालक मंडल की 15 मई 2026 को हुई बैठक में प्रस्ताव क्रमांक 7204 के तहत आवासीय भूखंडों पर स्थित पुरानी एवं खतरनाक इमारतों के पुनर्विकास संबंधी नीति को मंजूरी दी गई है।
इस निर्णय के बाद CDCPR-23 के विनियम 6.4 के अनुसार खतरनाक तथा 30 वर्ष से अधिक पुरानी इमारतों के पुनर्विकास का रास्ता खुल गया है। वहीं, 30 वर्ष से कम पुरानी इमारतों के पुनर्विकास के दौरान यदि फ्लैटों की संख्या बढ़ाने की आवश्यकता होती है, तो नियमानुसार शुल्क लेकर पुनर्विकास की अनुमति देने का प्रावधान भी किया गया है।
इसके अलावा, सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र की तर्ज पर आवासीय भूखंडों के पुनर्विकास के लिए सह-विकासक (Co-Developer) नियुक्त करने को भी एमआईडीसी संचालक मंडल ने मंजूरी दी है। इससे पुनर्विकास की वास्तविक प्रक्रिया को गति मिलने की उम्मीद है।
2024 से जारी प्रयासों को मिली सफलता
विधायक अमित गोरखे ने कहा कि छत्रपति संभाजीनगर और शाहूनगर के नागरिकों की यह कई वर्षों से लंबित मांग थी। पुरानी और खतरनाक इमारतों में रहने वाले नागरिकों की सुरक्षा के साथ-साथ उन्हें आधुनिक एवं बेहतर आवास उपलब्ध कराना जरूरी है। इसी उद्देश्य से उन्होंने 2024 के शीतकालीन अधिवेशन में विधान परिषद में यह मुद्दा उठाया और इसके बाद सरकार तथा एमआईडीसी स्तर पर लगातार प्रयास जारी रखे।
उन्होंने कहा कि एमआईडीसी संचालक मंडल द्वारा पुनर्विकास नीति को मंजूरी दिए जाने से लंबे समय से पुनर्विकास की प्रतीक्षा कर रहे नागरिकों को बड़ी राहत मिली है। आवश्यक प्रशासनिक प्रक्रिया जल्द पूरी कर पुनर्विकास कार्य शुरू हो, इसके लिए उनका प्रयास आगे भी जारी रहेगा।
उदय सामंत ने दी निर्णय की जानकारी
उद्योग मंत्री डॉ. उदय सामंत ने विधायक अमित गोरखे को भेजे पत्र के माध्यम से एमआईडीसी संचालक मंडल के निर्णय की जानकारी दी है। पत्र में बताया गया है कि पुरानी एवं खतरनाक आवासीय इमारतों के पुनर्विकास के लिए मंजूर नीति के क्रियान्वयन की प्रक्रिया एमआईडीसी स्तर पर तेजी से की जा रही है।
इस निर्णय से छत्रपति संभाजीनगर, शाहूनगर तथा संबंधित ‘जी ब्लॉक’ क्षेत्र के नागरिकों को बड़ी राहत मिली है। लंबे समय से पुनर्विकास की प्रतीक्षा कर रहे निवासियों के लिए यह निर्णय महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
विधायक अमित गोरखे ने इस कार्य के लिए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे तथा उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार का विशेष आभार व्यक्त किया।
“नागरिकों की सुरक्षा और उनके हक के घरों के पुनर्विकास के लिए मेरा प्रयास लगातार जारी रहेगा।” — विधायक अमित गोरखे


