DBATU में तीन माह में होगी प्राध्यापकों की भर्ती : चंद्रकांत पाटील
दिसंबर तक विश्वविद्यालय की समस्याएं दूर करने का प्रयास; विद्यार्थियों का शैक्षणिक नुकसान रोकने के लिए सरकार प्रतिबद्ध

लोणेरे (रायगढ़), 3 सितंबर : डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (DBATU), लोणेरे में प्राध्यापकों के रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया अगले तीन माह में पूरी की जाएगी। साथ ही विद्यार्थियों के परीक्षा परिणाम समय पर घोषित हों और उनके आगे के शैक्षणिक नुकसान से बचा जा सके, इसके लिए सरकार आवश्यक कदम उठा रही है। यह जानकारी राज्य के उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री चंद्रकांतदादा पाटील ने दी।
वे डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, लोणेरे के 28वें दीक्षांत समारोह को संबोधित कर रहे थे। राज्यपाल एवं विश्वविद्यालय के कुलाधिपति जिष्णु देव वर्मा की उपस्थिति में आयोजित इस समारोह में रोजगार गारंटी योजना, बागवानी एवं खारभूमि विकास तथा रायगढ़ जिले के पालकमंत्री भरत गोगावले, महिला एवं बाल विकास मंत्री अदिति तटकरे, सांसद सुनील तटकरे सहित विश्वविद्यालय के कुलगुरु रजनीश कामत, कुलसचिव प्रो. अमित शेष, परीक्षा नियंत्रक डॉ. गीतांजली महामुणकर, प्राध्यापक, विद्यार्थी एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
दिसंबर तक समस्याओं के समाधान का प्रयास
मंत्री चंद्रकांत पाटील ने कहा कि विश्वविद्यालय में प्राध्यापकों के रिक्त पद, परीक्षा परिणाम तथा विद्यार्थियों से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर दिसंबर तक सभी प्रमुख समस्याओं के समाधान का प्रयास किया जाएगा। विद्यार्थियों के परिणाम समय पर घोषित करने के लिए आवश्यक उपाय किए जा रहे हैं। दिसंबर के बाद विश्वविद्यालय के कामकाज में सकारात्मक बदलाव दिखाई देगा और विद्यार्थियों को किसी अन्य विश्वविद्यालय में स्थानांतरित होने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी, ऐसा विश्वास उन्होंने व्यक्त किया।
डिजिटल प्रशासन को प्राथमिकता
विश्वविद्यालय द्वारा प्रवेश और परीक्षा प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन करने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं। मंत्री पाटील ने कहा कि डिजिटल तकनीक का उपयोग केवल प्रशासनिक सुविधा तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसके माध्यम से विद्यार्थियों के शैक्षणिक अनुभव को अधिक प्रभावी बनाया जाना चाहिए।
‘शिक्षा सामाजिक परिवर्तन का सबसे प्रभावी माध्यम’
रायगढ़ किले के ऐतिहासिक परिसर के समीप स्थित डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय ज्ञान, स्वतंत्रता और सामाजिक परिवर्तन के विचारों का केंद्र है। चवदार तालाब सत्याग्रह की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि से भी इस क्षेत्र का महत्वपूर्ण संबंध है। ऐसे ऐतिहासिक परिवेश से शिक्षा लेकर निकलने वाले विद्यार्थियों की सामाजिक जिम्मेदारी अधिक होती है।
चंद्रकांत पाटील ने कहा कि “शिक्षा सामाजिक परिवर्तन का सबसे प्रभावी माध्यम है। शिक्षा के माध्यम से समानता, प्रगति और विकास को गति मिलती है।” उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 को समावेशी और समानतापूर्ण शिक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
एकल माताओं की बेटियों के लिए विशेष योजना पर विचार
राज्य के विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में शिक्षा प्राप्त कर रही एकल माताओं की बेटियों की जानकारी एकत्र कर उनकी संख्या निर्धारित की जाएगी। इसके बाद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में बैठक आयोजित कर इन छात्राओं के लिए विशेष योजना लागू करने पर निर्णय लिया जाएगा, ऐसी जानकारी मंत्री पाटील ने दी।
उन्होंने कहा कि एकल माताएं अपने बच्चों की परवरिश के साथ परिवार की पूरी जिम्मेदारी अकेले निभाती हैं। उनकी बेटियों को उच्च शिक्षा के दौरान आवश्यक आर्थिक एवं शैक्षणिक सहायता उपलब्ध कराने के लिए सरकार सकारात्मक कदम उठा रही है।
छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा का जल्द होगा उद्घाटन
DBATU परिसर में छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। जल्द ही मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के हाथों इस प्रतिमा का उद्घाटन किया जाएगा, ऐसी जानकारी भी उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री चंद्रकांतदादा पाटील ने दी।


