गणेशोत्सव की परंपरा, संस्कृति और सामाजिक संदेश को बनाए रखना जरूरी : पुनीतदादा बालन
उद्योगपति पुनीतदादा बालन के हाथों ‘गौरी-गणपति साहित्य जत्रा’ का उद्घाटन

पुणे, 3 सितंबर। “गणेशोत्सव हमारी समृद्ध परंपरा और संस्कृति का अभिन्न हिस्सा है। उत्सव में आनंद और उत्साह जरूर होना चाहिए, लेकिन इसके साथ सामाजिक जिम्मेदारी का भी ध्यान रखना जरूरी है। डीजे-मुक्त गणपति उत्सव की पहल का मैं पूरी तरह समर्थन करता हूं,” ऐसा उद्योगपति पुनीतदादा बालन ने कहा। गौरी-गणपति साहित्य जत्रा के उद्घाटन अवसर पर पुनीतदादा बालन ने यह भूमिका रखी। उन्होंने कहा कि गणेशोत्सव के माध्यम से सामाजिक एकता, संस्कार और सकारात्मक संदेश समाज तक पहुंचना चाहिए। ध्वनि प्रदूषण से नागरिकों, बुजुर्गों, बच्चों और विद्यार्थियों को परेशानी न हो, इसका भी सभी गणेश मंडलों को ध्यान रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि गणेशोत्सव का उत्साह कायम रखते हुए पारंपरिक और सांस्कृतिक स्वरूप को प्राथमिकता देना समय की आवश्यकता है। गणेश मंडलों और कार्यकर्ताओं का सामाजिक योगदान महत्वपूर्ण है। इसलिए सभी को साथ लेकर ऐसा उत्सव मनाया जाना चाहिए, जिससे पुणे की गणेशोत्सव परंपरा की प्रतिष्ठा और मजबूत हो।
गौरी-गणपति उत्सव के लिए आवश्यक सामग्री एक ही स्थान पर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आयोजित ‘गौरी-गणपति साहित्य जत्रा’ का उद्घाटन गुरुवार को उद्योगपति पुनीतदादा बालन के हाथों किया गया। यह पुनीत बालन ग्रुप, प्रियदर्शनी वुमन्स फोरम, बिटिया फाउंडेशन तथा बीइंग पुणेरी के संयुक्त तत्वावधान में यह जत्रा आयोजित की गई है। जत्रा का आयोजन होटल सेंट्रल पार्क, छत्रपति शिवाजीनगर, जंगली महाराज रोड, पुणे में किया गया है।
जत्रा की अध्यक्ष संगीता तिवारी ने कहा कि जत्रा के माध्यम से महिला बचत समूहों को अपने उत्पादों के प्रदर्शन और बिक्री के लिए मंच उपलब्ध कराया गया है। इसके जरिए महिला उद्यमिता और महिला सशक्तीकरण को बढ़ावा देने का संदेश दिया जा रहा है। महिलाओं द्वारा तैयार किए गए विभिन्न उत्पादों को ग्राहकों तक पहुंचाने और उन्हें बाजार उपलब्ध कराने के लिए यह जत्रा एक महत्वपूर्ण मंच साबित हो रही है।


