‘पुणे ग्रैंड टूर’ के लिए महावितरण द्वारा सौंदर्यीकरण अभियान जोरों पर शुरू
विद्रूपण करने वालों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई का इशारा

पुणे. भारत की पहली अंतरराष्ट्रीय स्तर की मल्टी-स्टेज साइक्लिंग प्रतियोगिता ‘पुणे ग्रैंड टूर-2026’ का आयोजन आगामी 19 से 23 जनवरी के दौरान पुणे जिले में किया जा रहा है। इस प्रतिष्ठित वैश्विक प्रतियोगिता के स्वागत के लिए पूरा पुणे शहर सज-धज गया है। शहर के सौंदर्यीकरण अभियान में महावितरण (एमएसईडीसीएल) ने भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है। प्रतियोगिता मार्ग पर स्थित विद्युत यंत्रणाओं की सफाई एवं रंग-रोगन का कार्य महावितरण द्वारा युद्धस्तर पर शुरू किया गया है।
यह अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता 437 किलोमीटर की दूरी में आयोजित होगी, जिसमें 35 देशों के नामी साइक्लिस्ट भाग ले रहे हैं। इस पृष्ठभूमि में साइक्लिंग मार्ग पर स्थित लगभग 500 से अधिक फीडर पिलर्स और ट्रांसफॉर्मरों की व्यापक सफाई की जा रही है। वर्षों से लगे पुराने, जंग लगे और अवैध पोस्टरों के कारण विद्रूप बनी विद्युत यंत्रणाओं को नया स्वरूप देने के लिए रंग-रोगन किया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय मंच पर पुणे को ‘स्वच्छ, सुंदर और अनुशासित शहर’ के रूप में प्रस्तुत करना है।
सिर्फ सौंदर्यीकरण ही नहीं, बल्कि महावितरण द्वारा इन विद्युत यंत्रणाओं की आंतरिक मरम्मत और तकनीकी देखभाल भी की जा रही है। इससे प्रतियोगिता के दौरान अखंडित बिजली आपूर्ति सुनिश्चित होगी और किसी भी तकनीकी खराबी से होने वाले संभावित हादसों को

रोका जा सकेगा।
विद्रूपण करने वालों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई का इशारा
महावितरण पुणे परिमंडल के मुख्य अभियंता सुनील काकड़े ने चेतावनी देते हुए कहा कि,
“विद्युत यंत्रणाएं सार्वजनिक संपत्ति हैं और उनका विद्रूपण करना एक दंडनीय अपराध है। कुछ संस्थाएं और व्यक्ति विज्ञापन पोस्टर चिपका कर इन यंत्रणाओं को नुकसान पहुंचाते हैं। आगे से ऐसे विद्रूपण करने वालों के खिलाफ महावितरण द्वारा कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”
महावितरण के इस प्रयास से पुणे ग्रैंड टूर-2026 के दौरान शहर की एक सकारात्मक, स्वच्छ और सुरक्षित छवि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उभरने की उम्मीद है।


