चुनाव प्रशिक्षण से अनुपस्थित कर्मचारियों पर होगी सख्त कार्रवाई
राज्य निर्वाचन आयोग के आदेश; महानगरपालिका चुनाव की तैयारियों पर जोर

मुंबई: महानगरपालिका चुनावों में मतदान और मतगणना की प्रक्रिया को सुचारु रूप से संपन्न कराने के लिए नियुक्त अधिकारी-कर्मचारियों का प्रशिक्षण अनिवार्य होगा। प्रशिक्षण में अनुपस्थित रहने वाले कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश राज्य निर्वाचन आयुक्त दिनेश वाघमारे ने दिए हैं।
महानगरपालिका चुनावों की तैयारियों, मतदान व्यवस्था, मतगणना और कानून-व्यवस्था की समीक्षा के लिए राज्य की सभी 29 महानगरपालिकाओं के आयुक्त, संबंधित पुलिस आयुक्त, जिला पुलिस अधीक्षक और निर्वाचन निर्णय अधिकारी के साथ 6 और 7 जनवरी को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में निर्वाचन आयोग के सचिव सुरेश काकाणी, पुलिस महानिरीक्षक मनोजकुमार शर्मा सहित आयोग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
मतदान व्यवस्था पर विशेष निर्देश
राज्य निर्वाचन आयुक्त वाघमारे ने कहा कि मतदान और मतगणना को बिना किसी बाधा के संपन्न करने के लिए पर्याप्त संख्या में प्रशिक्षित अधिकारी-कर्मचारियों की नियुक्ति आवश्यक है। मतदान केंद्रों पर की जाने वाली सभी व्यवस्थाओं की जानकारी कर्मचारियों को पूर्व में दी जानी चाहिए, ताकि मतदाताओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
उन्होंने निर्देश दिए कि मतदान केंद्रों पर बिजली, पीने का पानी, छाया, शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाएं अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराई जाएं। जहां संभव हो, वहां आदर्श मतदान केंद्र स्थापित किए जाएं।
वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगों को प्राथमिकता
मतदान केंद्रों पर वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांग मतदाताओं, गर्भवती महिलाओं और छोटे बच्चों के साथ आने वाली महिलाओं को प्राथमिकता दी जाए। साथ ही दिव्यांग और वरिष्ठ नागरिकों के लिए रैम्प, व्हीलचेयर जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
13 जनवरी के बाद चुनावी विज्ञापन प्रतिबंधित
निर्वाचन आयोग के सचिव सुरेश काकाणी ने बताया कि महानगरपालिका चुनाव प्रचार की अवधि 13 जनवरी 2026 को शाम 5:30 बजे समाप्त हो जाएगी। इसके बाद इलेक्ट्रॉनिक, मुद्रित या किसी भी अन्य माध्यम से चुनावी विज्ञापन प्रकाशित या प्रसारित नहीं किए जा सकेंगे।
उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रचार अवधि समाप्त होने के बाद मुद्रित माध्यमों में विज्ञापन के लिए पूर्व प्रमाणन या अनुमति की आवश्यकता नहीं होगी। इस संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश 9 अक्टूबर 2025 को जारी किए गए ‘चुनाव प्रयोजनार्थ प्रसार माध्यम नियंत्रण एवं विज्ञापन प्रमाणन आदेश, 2025’ में दिए गए हैं।राज्य निर्वाचन आयोग ने सभी संबंधित अधिकारियों को इन निर्देशों का कड़ाई से पालन करने के आदेश दिए हैं, ताकि महानगरपालिका चुनाव निष्पक्ष, शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित तरीके से संपन्न हो सकें।



