छात्रों को ड्रग्स के लत और साइबर क्राइम से खुद को बचाना चाहिए – सीपी अमितेश कुमार
एमआईटी डब्ल्यूपी में जोश के साथ मनाया ‘महाराष्ट्र पुलिस स्थापना दिन’

पुणे पुलिस सेवा, हिम्मत और कमिटमेंट के लिए समर्पित
पुणे, ८ जनवरी : छात्रों को ड्रग्स के इस्तेमाल, लत और बढते साइबर क्राइम से खुद को बचाना चाहिए. फ्रेशर्स पार्टियों से दूर रहें और अपना करियर बनाएं. लडकियों और महिलाओं को लक्ष्मण रेखा समझनी चाहिए. पुलिस किसी का करियर बर्बाद नहीं करना चाहती, लेकिन अगर १०० में से ५ भी ड्रग्स क्राइम में पकडे गए तो सब खत्म हो जाएगा. ऐसी चेतावनी पुणे पुलिस आयुक्त अमितेश कुमार ने छात्रों को दी. साथ ही उन्होंने युवाओं से यह भी अपील की कि पुणे पुलिस ऐसे धंधों के बारे में जानकारी देने वालों की पूरी जानकारी गुप्त रखेगी.
वे कोथरुड में एमआईटी वर्ल्ड पीस यूनिवर्सिटी के स्वामी विवेकानंद ऑडिटोरियम में महाराष्ट्र पुलिस स्थापना दिवस के मौके पर आयेाजित कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि के रुप में बोल रहे थे. यह कार्यक्रम सेवा, हिम्मत और कमिटमेंट को समर्पित था.

इस मौके पर जॉइंट कमिश्नर ऑफ पुलिस रंजन कुमार शर्मा, एडिशनल कमिश्नर ऑफ पुलिस पंकज देशमुख, डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस निखिल पिंगले और डीसीपी संभाजी कदम अतिथि के रुप में मौजूद थे.
साथ ही एमआईटी वर्ल्ड पीस यूनिवर्सिटी के कुलपति डॉ. रविकुमार चिटणीस, सीएओ डॉ. प्रसाद खांडेकर और कुलसचिव प्रो. गणेश पोकले भी मौजूद थे.
इस कार्यक्रम में शहर के १००० से ज्यादा स्कूल, कॉलेज और महाविद्यालयों के लगभग ५ लाख छात्रों ने ऑनलाइन हिस्सा लिया था.यह कार्यक्रम एमआईटी डब्ल्यूपीयू के संस्थापक अध्यक्ष विश्वधर्मी प्रो.डॉ. विश्वनाथ दा. कराड और कार्याध्यक्ष डॉ. राहुल कराड के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया था.
अमितेश कुमार ने कहा, शहर की सुरक्षा के लिए पुलिस और लोगों के बीच पार्टनरशिप बहुत जरूरी है. खासकर युवाओं के लिए, क्योंकि वे भारत का भविष्य हैं. उनका चरित्र अच्छा होगा और उनकी जिंदगी में अनुशासन होगा तो काई क्राइम नहीं होगा. लेकिन वे ड्रग्स, गांजा, शराब और दूसरे नशीले पदार्थों की लत में पडकर अपने परिवार को नुकसान पहुंचाते देखे जाते है.
देश के सबसे सुरक्षित शहर पुणे में महिलाओं को अपनी लक्ष्मण रेखा खुद खींचनी चाहिए. अगर वे सोशल मीडिया से इसे मैनेज कर ले, तो ९० परसेंट समस्या खत्म हो जाएंगी. लेकिन अगर कोई घटना होती है, तो उन्हें तुरन्त पुलिस को सूचित करने की अपील की. ऑनलाइन गेमिंग, ईमेल, फ्रॉड और सोशल नेटवर्क प्रोफाइल से छेडछाड, ऑनलाइन फ्रॉड, ट्रैफिक से खुद को बचाएं. साइबर सिक्योरिटी के लिए सभी को अपने पासवर्ड और बैंकिंग चैनल मैनेज करने चाहिए.
रंजन कुमार शर्मा ने कहा, ड्रग्स की लत में फंसे युवा आखिर में सुसाइड तक पहुंच रहे है. साथ ही, साइबर क्राइम , नार्को, फाइनेंशियल फ्रॉड, ट्रैफिक की दिक्कते और कानून का पालन न करना बढ रहा है. शहर में हम देख रहे है कि लोग बुजुर्गो पर फोकस कर रहे हैं और उन्हें डिजिटल अरेस्ट करके पैसे मांग रहे है. ऐसे समय में, नागरिकों को क्राइम रोकने के लिए ११२ नंबर पर कॉल करना चाहिए.
इसके बाद पंकज देशमुख और निखिल पिंगले ने अपने भाषण में कहा कि पुलिस विभाग शहर के नागरिकों की सुरक्षा को तुरंत सेवा देकर और इंस्ट्रक्शन फॉलो करके प्रायोरिटी देता है. इस कार्यक्रम को देखकर शहर के ५ लाख छात्र देश की सेवा और पुणे शहर की सुरक्षा के लिए जरूर अवेयर होंगे.
डॉ. आर.एम.चिटणीस ने स्वागत पर भाषण में देश में बढते फाइनेंशियल क्राइम, साइबर, सोशल मीडिया, फेक न्यूज, साइबर क्राइम पर कमेंट किया. डॉ. गौतम बापट ने संचालन किया. डॉ. प्रसाद खांडेकर ने आभार माना.



