महाराष्ट्र में 12वीं की परीक्षा कल से, 15.32 लाख से अधिक विद्यार्थी होंगे शामिल

पुणे : महाराष्ट्र राज्य माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक शिक्षा मंडल की ओर से आयोजित उच्च माध्यमिक प्रमाणपत्र (एचएससी) यानी कक्षा 12वीं की परीक्षा इस वर्ष 10 फरवरी से 18 मार्च के बीच आयोजित की जाएगी। यह परीक्षा पुणे, नागपुर, छत्रपति संभाजीनगर, मुंबई, कोल्हापुर, अमरावती, नाशिक, लातूर और कोकण — इन नौ विभागीय मंडलों के माध्यम से संपन्न होगी।
इस परीक्षा के लिए राज्यभर से कुल 15,32,487 विद्यार्थियों ने पंजीकरण कराया है। इनमें 8,20,229 छात्र, 7,12,240 छात्राएँ और 18 ट्रांसजेंडर विद्यार्थी शामिल हैं। विद्यार्थियों का पंजीकरण राज्य के 10,664 कनिष्ठ महाविद्यालयों से हुआ है। परीक्षा के लिए पूरे महाराष्ट्र में 3,387 मुख्य परीक्षा केंद्र स्थापित किए गए हैं। यह जानकारी मंडल के अध्यक्ष नंदकुमार बेडसे ने दी।
दो विषयों की परीक्षा ऑनलाइन होगी
12वीं परीक्षा को लेकर आयोजित पत्रकार परिषद में नंदकुमार बेडसे ने बताया कि परंपरा के अनुसार ‘सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी)’ और ‘सामान्य ज्ञान’ विषयों की परीक्षा ऑनलाइन पद्धति से ली जाएगी।
आईटी विषय के लिए 2,36,320 विद्यार्थियों, जबकि सामान्य ज्ञान विषय के लिए 1,708 विद्यार्थियों ने पंजीकरण किया है।
परीक्षा की प्रमुख विशेषताएँ
फरवरी–मार्च 2026 की परीक्षा के आवेदन पत्र ऑनलाइन स्वीकार किए गए हैं और UDISE डेटा के आधार पर कनिष्ठ महाविद्यालयों की जानकारी ली गई है।
कोई भी विद्यार्थी परीक्षा से वंचित न रहे, इसके लिए 3 मार्च तक आवेदन स्वीकार किए गए हैं।
विद्यार्थियों पर मानसिक दबाव कम हो, इस उद्देश्य से परीक्षा समय-सारणी इस प्रकार बनाई गई है कि महत्वपूर्ण विषयों के प्रश्नपत्रों के बीच पर्याप्त अंतर रखा गया है।
केवल मंडल द्वारा प्रकाशित समय-सारणी ही मान्य होगी, अन्य वेबसाइटों या संस्थाओं द्वारा प्रकाशित समय-सारणी को मान्य नहीं किया जाएगा।
मानसिक स्वास्थ्य के लिए समुपदेशन व्यवस्था
परीक्षा के दौरान तनाव और नकारात्मक विचारों से जूझ रहे विद्यार्थियों की सहायता के लिए राज्य स्तर पर 10 समुपदेशकों की नियुक्ति की गई है। साथ ही, प्रत्येक जिले में दो-दो समुपदेशक तैनात किए गए हैं।
राज्य और सभी नौ विभागीय मंडलों में नियंत्रण कक्ष व हेल्पलाइन सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है।
परीक्षा से जुड़ी अहम सूचनाएँ
विद्यार्थियों को परीक्षा शुरू होने से कम से कम 30 मिनट पहले परीक्षा केंद्र पर पहुँचना अनिवार्य होगा।
सुबह सत्र में 10.30 बजे और दोपहर सत्र में 2.30 बजे परीक्षा कक्ष में उपस्थित रहना जरूरी है।
सभी कनिष्ठ महाविद्यालयों को कॉलेज लॉग-इन के माध्यम से हॉल टिकट ऑनलाइन उपलब्ध करा दिए गए हैं।
गत वर्ष की तरह इस वर्ष भी परीक्षा के निर्धारित समय के बाद 10 मिनट अतिरिक्त दिए जाएंगे।
दिव्यांग विद्यार्थियों को शासन निर्णय (16 अक्टूबर 2018) के अनुसार विशेष सुविधाएँ प्रदान की जाएंगी।
कॉपीमुक्त अभियान और सुरक्षा व्यवस्था
परीक्षाएँ निष्पक्ष और पारदर्शी ढंग से संपन्न हों, इसके लिए राज्यभर में 271 उड़नदस्ते नियुक्त किए गए हैं। प्रत्येक जिले में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में सतर्कता समितियाँ गठित की गई हैं।
जहाँ-जहाँ सीसीटीवी उपलब्ध हैं, वहाँ परीक्षा कैमरे की निगरानी में होगी। परीक्षा से जुड़े किसी भी प्रकार के गैरकृत्य में लिप्त कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इसके साथ ही परीक्षा अवधि के दौरान राज्य की सभी माध्यमिक और उच्च माध्यमिक शालाओं में कॉपीमुक्त अभियान के अंतर्गत जनजागरूकता सप्ताह मनाया जाएगा।
विद्यार्थियों की सुविधा के लिए एसटी महामंडल से समय पर बस सेवा और महावितरण से निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने का भी आग्रह किया गया है।



