दिल्ली विजय और पानीपत बदला विजय समारोह उत्साहपूर्वक संपन्न

पुणे : भारत इतिहास संशोधक मंडल और श्री देवदेवेश्वर संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित ‘दिल्ली विजय और पानीपत बदला विजय समारोह’ मंगलवार सायंकाल बड़े उत्साह और गौरवपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। मराठों के शौर्य, पराक्रम और ऐतिहासिक विजय की स्मृति को जागृत करने वाला यह समारोह इतिहासप्रेमियों के लिए प्रेरणादायी सिद्ध हुआ।
कार्यक्रम की शुरुआत छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा पर पुष्प अर्पण से हुई। इसके पश्चात माधवराव पेशवा, महादजी शिंदे एवं तुकोजी होळकर की प्रतिमाओं का पूजन कर कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ किया गया।
कार्यक्रम का प्रास्ताविक श्री रमेश भागवत ने किया। इस अवसर पर मंच पर **एयर चीफ मार्शल प्रदीप वसंत नाईक (सेवानिवृत्त), एयर मार्शल भूषण गोखले (सेवानिवृत्त), पांडुरंग बलकवडे, उत्तमराव शिंदे सरकार, नंदकुमार निकम सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। इस दौरान मान्यवरों का शाल एवं सम्मानचिह्न देकर सत्कार किया गया। विशेष रूप से एयर चीफ मार्शल प्रदीप वसंत नाईक और **एयर मार्शल भूषण गोखले का विशेष सम्मान किया गया।
साथ ही, पुणे के वानवडी स्थित महादजी शिंदे छत्री में पिछले आठ वर्षों से निरंतर आयोजित किए जा रहे पानीपत शौर्य दिवस कार्यक्रम में महत्वपूर्ण योगदान के लिए उत्तमराव शिंदे सरकार का तथा **पांडुरंग बलकवडे, पुष्करसिंह पेशवा, अभिमन्यु होळकर और रणजितसिंह गुरुड का भी सत्कार किया गया। इस अवसर पर शिंदे सरकार के समर्थक बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
प्रमुख अतिथि एयर चीफ मार्शल प्रदीप वसंत नाईक ने अपने संबोधन में मराठों की रणनिति, अनुशासन और राष्ट्रभक्ति की सराहना की। कार्यक्रम के अध्यक्ष एयर मार्शल भूषण गोखले ने पानीपत के बाद मराठों द्वारा प्राप्त विजय के ऐतिहासिक महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि यह विजय केवल सैन्य नहीं, बल्कि स्वाभिमान और आत्मविश्वास का प्रतीक है।



