शहर के कुछ क्षेत्रों में कम दबाव और देरी से की जाएगी जलापूर्ति
जल आपूर्ति सुधार कार्य की वजह से लिया गया निर्णय

पुणे: शहर में जलापूर्ति व्यवस्था को मजबूत करने के लिए किए जा रहे कई महत्वपूर्ण तकनीकी और रखरखाव कार्य सफलतापूर्वक पूरे कर लिए गए हैं। इन कार्यों के पूरा होने से भविष्य में पानी आपूर्ति अधिक सुचारू और नियंत्रित तरीके से की जा सकेगी। इसके लिए जल एमएसईबीसीएल (MSEBCL) की विद्युत वहन प्रणाली पर बड़े पैमाने पर मेंटेनेंस कार्य नियोजित तरीके से पूरा किया गया। जिसकी वजह से शहर के कुछ क्षेत्रों में कम दबाव और देरी से जलापूर्ति जाएगी।
जल विभाग ने बताया कि शहर में पानी आपूर्ति सुबह करीब 11:30 बजे तक शुरू हो जाएगी, लेकिन औंध, कोथरूड के कुछ हिस्सों, एरंडवणे, भवानी पेठ और नाना पेठ में कम दबाव से पानी मिलने की संभावना है। इसके साथ ही पूरे शहर में पानी आपूर्ति सामान्य होने में लगभग 4 घंटे की देरी हो सकती है, क्योंकि ट्रांसमिशन लाइनों और पानी की टंकियों को फिर से भरने और सिस्टम को स्थिर करने में समय लगेगा।
खडकवासला से वारजे जल शुद्धिकरण केंद्र (WTP) तक की मुख्य 1600 मिमी क्षमता वाली पाइपलाइन पर खराब पड़े आयसोलेशन वाल्व को बदल दिया गया है। यह वाल्व पिछले 5 वर्षों से खराब था, जिससे किसी भी खराबी की स्थिति में वारजे फेज-I, फेज-II और होळकर जल केंद्रों को बंद करना पड़ता था। अब नए वाल्व के कारण लाइन को अलग कर स्वतंत्र रूप से मरम्मत कार्य संभव होगा।
इसी तरह खडकवासला बांध के आउटलेट पर 3000 मिमी वाल्व का भी सफलतापूर्वक प्रतिस्थापन किया गया है। यह कार्य अत्यंत महत्वपूर्ण था, क्योंकि वाल्व खराब होने की स्थिति में पूरे बांध को खाली किए बिना मरम्मत करना लगभग असंभव हो सकता था।
पर्वती स्थित पुराने जल शुद्धिकरण केंद्र पर 3000 मिमी पाइपलाइन में इनलेट वॉटर मीटर लगाया गया है, जिससे पहले करीब 30 MLD पानी का हिसाब नहीं हो पा रहा था। अब सटीक जल लेखांकन के साथ-साथ लीकेज की निगरानी और सुधार भी बेहतर तरीके से किया जा सकेगा। वहीं, पर्वती के नए WTP और भामा-आसखेड प्रोजेक्ट में भी आधुनिक मीटर लगाए गए हैं, जिससे शहर में प्रवेश करने वाले पानी की निगरानी और लीकेज नियंत्रण संभव होगा।
इसके अलावा पर्वती (पुराना और नया), वारजे फेज-I, फेज-II और भामा-आसखेड केंद्रों पर कुल 45 सिविल और इलेक्ट्रिकल मेंटेनेंस कार्य पूरे किए गए हैं।
वर्तमान स्थिति और आपूर्ति अपडेट
फिलहाल सभी जल शुद्धिकरण केंद्र और पंपिंग स्टेशन चरणबद्ध तरीके से शुरू किए जा चुके हैं, केवल पर्वती नया केंद्र शुरू होना बाकी है। 2000 मिमी मीटर लगाने का कार्य पास के नहर में बड़ी लीकेज के कारण थोड़ी देर से चल रहा है, जिसे आज दोपहर 12 बजे तक पूरा करने का लक्ष्य है।सिंचाई विभाग के सहयोग से करीब 175 MLD पानी नहर से उठाकर आपूर्ति में देरी कम करने का प्रयास किया जा रहा है।



