लाडकी बहन योजना में 81 लाख लाभार्थी अपात्र
"संबंधित सचिवों और अधिकारियों से राज्य का डूबा हुआ पैसा वसूल किया जाए" — कांग्रेस की मांग

मुंबई : विधानसभा चुनाव में महायुति के लिए लाभदायक साबित हुई मुख्यमंत्री लाडकी बहन योजना में शामिल 81 लाख महिलाओं को अपात्र घोषित किए जाने के बाद कांग्रेस ने राज्य सरकार और प्रशासन पर गंभीर सवाल उठाए हैं। महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता गोपालदादा तिवारी ने कहा कि चुनाव से पहले योजना के तहत आवेदकों को ₹1500 मासिक सहायता स्वीकृत कर वितरित की गई, लेकिन अब उन्हीं लाभार्थियों में से 81 लाख महिलाओं को अपात्र बताया जा रहा है।
गोपालदादा तिवारी ने सवाल उठाया कि जब महिला एवं बाल विकास विभाग तथा वित्त विभाग ने अब इन आवेदनों को अपात्र माना है, तो अनुदान स्वीकृत और वितरित करते समय संबंधित मंत्रालय के सचिवों और अधिकारियों को यह जानकारी क्यों नहीं हुई। उन्होंने मांग की कि इस मामले में संबंधित सचिवों और अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज किए जाएं तथा राज्य के खजाने को हुए नुकसान की भरपाई उनसे कराई जाए।
कांग्रेस का दावा है कि यदि 81 लाख अपात्र लाभार्थियों को हटाने से हर महीने लगभग 1200 करोड़ रुपये की बचत हो रही है, तो अब तक हुए खर्च की जवाबदेही भी तय होनी चाहिए। पार्टी ने इस पूरे मामले की जांच कर दोषी अधिकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है। तिवारी ने कहा कि राज्य के आर्थिक संसाधनों के दुरुपयोग की गंभीरता को देखते हुए मुख्य सचिव, राज्यपाल और आवश्यकता पड़ने पर उच्च न्यायालय को भी इस मामले में हस्तक्षेप करना चाहिए।

