संघर्ष से उभरा है राहुल गांधी का नेतृत्व : गोपालदादा तिवारी
कहा- राहुल गांधी में अपने पूर्वजों से मिली निस्वार्थ राष्ट्रसेवा और देशभक्ति की विरासत

पुणे, 20 जून : कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता गोपालदादा तिवारी ने कहा कि राहुल गांधी का नेतृत्व किसी विरासत या वंशानुगत अधिकार के कारण नहीं, बल्कि कठिन परिस्थितियों में किए गए निरंतर संघर्ष, जनसंपर्क और राष्ट्रहित के प्रति समर्पण से उभरा है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को अपने पूर्वजों से निस्वार्थ राष्ट्रसेवा और देशभक्ति के संस्कार विरासत में मिले हैं।
वे राहुल गांधी के जन्मदिन के अवसर पर युवक कांग्रेस एवं एनएसयूआई की ओर से आयोजित फोटो प्रदर्शनी के समापन समारोह में बोल रहे थे। प्रदर्शनी में राहुल गांधी के जीवन, उनके संघर्ष, जनआंदोलनों, भारत जोड़ो यात्रा और व्यक्तित्व के विभिन्न पहलुओं को चित्रों के माध्यम से प्रदर्शित किया गया।
तिवारी ने कहा कि स्वतंत्र भारत के निर्माण, लोकतंत्र की स्थापना और राष्ट्रीय संस्थाओं के विकास में कांग्रेस तथा स्वतंत्रता सेनानियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने लगभग 12,000 किलोमीटर की भारत यात्रा कर देशभर के लोगों से संवाद स्थापित किया, जिससे उनके नेतृत्व के प्रति जनता का विश्वास बढ़ा है। वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के प्रदर्शन में सुधार भी इसका प्रमाण है।
उन्होंने कहा कि नेहरू-गांधी परिवार ने देश की एकता, लोकतंत्र और विकास के लिए अनेक बलिदान दिए हैं। वर्षों तक लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोप भी कभी सिद्ध नहीं हो सके। इससे स्पष्ट होता है कि राहुल गांधी में अपने पूर्वजों से मिली निस्वार्थ राष्ट्रसेवा और देशभक्ति की विरासत आज भी दिखाई देती है।
समारोह में सिद्धार्थ जांभूळकर, साहेबराव क्षीरसागर, एडवोकेट श्रीकांत पाटील, लक्ष्मीकांत हुंडेकर, राजेश सुतार सहित अनेक कांग्रेस पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित थे।



