खड़कवासला डैम 80 प्रतिशत लबालब : बांध से कभी भी शुरू हो सकता है पानी का बड़ा डिस्चार्ज
प्रशासन ने जारी किया अलर्ट; नए मुठा नहर में 500 क्यूसेक छोड़ा गया पानी

पुणे, 7 जुलाई। खड़कवासला बांध के जलग्रहण क्षेत्र में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण बांध का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। सिंचाई विभाग ने नागरिकों के लिए हाई अलर्ट जारी करते हुए नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। खड़कवासला सिंचाई विभाग के कार्यकारी अभियंता किरण देशमुख द्वारा जारी सूचना के अनुसार मंगलवार सुबह 10 बजे तक खड़कवासला बांध अपनी कुल क्षमता का 76 प्रतिशत भर चुका था। जो दोपहर बाद बढ़कर 80 प्रतिशत से अधिक हो गया है। जलग्रहण क्षेत्र में लगातार हो रही भारी वर्षा और बांध में बढ़ते जलप्रवाह को देखते हुए अगले कुछ घंटों में बांध के पानी भंडारण में और भी बढ़ोतरी होने की संभावना है।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि वर्षा की स्थिति को देखते हुए किसी भी समय बांध के स्पिलवे (सांडवा) से पानी छोड़ा जा सकता है, जिससे नदी का जलस्तर अचानक बढ़ सकता है।
इसी बीच ताजा अपडेट के अनुसार मंगलवार दोपहर 12 बजे से खड़कवासला बांध के नए मुठा नहर में 500 क्यूसेक पानी छोड़ा जाना शुरू कर दिया गया है। ध्यान रहे खडकवासला बांध समूह से ही पुणे शहर को जलापूर्ति की जाती है। मौजूदा समय में पेयजल कटौती करते हुए एक दिन छोड़कर एक दिन जलापूर्ति शहर में हो रही है। अब बंद में पानी के भंडारण की स्थिति देखते हुए नागरिकों को उम्मीद है कि जल्द ही नियमित रूप से पेयजल मिलने लगेगा।
इस बीच प्रशासन की नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी परिस्थिति में नदी के पात्र में प्रवेश न करें। यदि नदी किनारे पशु, कृषि सामग्री या अन्य सामान रखा हो तो उसे तत्काल सुरक्षित स्थान पर हटा लिया जाए। साथ ही निचले और संवेदनशील क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों को समय रहते सतर्क कर आवश्यक एहतियाती कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन ने सभी नागरिकों से अफवाहों पर ध्यान न देने, आधिकारिक सूचनाओं का पालन करने तथा सिंचाई विभाग और स्थानीय प्रशासन का सहयोग करने की अपील की है। लगातार बारिश को देखते हुए लोगों से सतर्क रहने और अनावश्यक रूप से नदी किनारे जाने से बचने का आग्रह किया गया है।



