असफलता की गलतियों से सीखकर सफल बनें अभिनेता विवेक ओबेरॉय की सलाह
MIT-WPU में "TEDx 2026" का आयोजन उत्साह से संपन्न

पुणे : “किसी भी क्षेत्र में बड़ी सफलता पाने से पहले कई तरह की असफलताओं का सामना करना पड़ता है. असफलता को स्वीकार करना आना चाहिए. असफलता आने पर पीछे न हटकर आगे बढ़ने की कला ही इंसान को सफल बनाती है. अपनी गलतियों को समझें और उन्हें सुधारकर असफलता की गलतियों से सीखकर सफल बनें,” यह सलाह प्रसिद्ध अभिनेता और उद्योजक विवेक ओबेरॉय ने दी.MIT वर्ल्ड पीस यूनिवर्सिटी, कोथरूड में छात्रों द्वारा आयोजित “TEDx 2026” कार्यक्रम में वे बोल रहे थे. इस अवसर पर इसरो के पूर्व निदेशक डॉ. माधव ढेकणे, प्रसिद्ध हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. जगदीश हिरेमठ, लेखक डॉ. कुणाल बुच, अभिनेता अशोक समर्थ, गीतकार प्रगति नागपाल, खेल कमेंटेटर रोशन शेट्टी, लेट्स गेम के प्रमुख शंतनु बासू प्रमुख अतिथि के रूप में उपस्थित थे.साथ ही MIT वर्ल्ड पीस यूनिवर्सिटी के कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. राहुल विश्वनाथ कराड, प्रसिद्ध निर्देशक अभिजीत पानसे और TEDx के मुख्य समन्वयक डॉ. सागर कोळपकर भी उपस्थित थे. सिनेमा, विज्ञान, व्यवसाय, खेल, संगीत और स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र की प्रेरणादायक हस्तियों से संवाद और युवाओं को प्रेरणा मिले, इस उद्देश्य से डॉ. राहुल कराड के मार्गदर्शन में TEDx कार्यक्रम का आयोजन किया गया था.
विवेक ओबेरॉय ने आगे कहा, “हमें कम्फर्ट जोन अच्छा लगता है लेकिन वही प्रगति में बाधा बनता है. उसे तोड़कर छात्रों को नई दुनिया का अनुभव करना चाहिए. बुरे समय में घबराएं नहीं और अच्छे समय में भटकें नहीं.”

डॉ. माधव ढेकणे ने कहा, “अंतरिक्ष अनुसंधान में भारत अग्रणी बन गया है और हम चंद्रमा पर अनुसंधान के लिए पूर्णकालिक मनुष्य भेजने का प्रयास कर रहे हैं. छात्रों को नवाचार अपनाकर नई-नई चीजों पर प्रयोग करने चाहिए.”
डॉ. राहुल कराड ने कहा, “देश में खेल संस्कृति विकसित करने की आवश्यकता है. साथ ही सभी छात्रों के लिए NCC अनिवार्य किया जाना चाहिए. लाइफ ट्रांसफॉर्मेशन सेंटर के माध्यम से हम शिक्षा के साथ-साथ मन, मस्तिष्क और शरीर की मजबूती के लिए प्रतिबद्ध हैं.”डॉ. जगदीश हिरेमठ ने कहा, “अपर्याप्त नींद, मानसिक तनाव, गलत आहार, नशा और बदलती जीवनशैली के कारण युवाओं में हार्ट अटैक के मामले बढ़ते दिख रहे हैं. अच्छा स्वास्थ्य ही हमारी असली संपत्ति है. ऐसे समय में हार्ट अटैक के प्रति बड़े स्तर पर जागरूकता की जरूरत है”.कार्यक्रम का आयोजन छात्र ईशान सक्सेना, हर्षल प्रधान, आदित्य सिंह, देवांग कौशिक, ज़ारा अहमद ने किया. डॉ. सागर कोळपकर ने प्रस्तावना रखी. देवांश अजयकुमार और अक्षिता सक्सेना ने संचालन किया जबकि ध्रुव मव्हारी ने आभार व्यक्त किया.



